Yemen में बड़ा बदलाव, राष्ट्रपति अल-अलीमी ने की नई घोषणा, तस्करी रोकने के लिए उठाए कड़े कदम.

यमन की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। यमन के राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष Dr. Rashad Muhammad Al-Alimi ने देश में तस्करी को पूरी तरह से खत्म करने और ईरान समर्थित हौथी मिलिशिया की ताकत को कमजोर करने के लिए कई बड़े सुधारों का ऐलान किया है। यह अहम फैसला 26 अगस्त 2026 को तस्करों पर लगाम कसने वाली उच्च समिति की बैठक के दौरान लिया गया। सरकार का यह कदम देश के बंदरगाहों को सुरक्षित करने और युद्ध की अर्थव्यवस्था को खत्म करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
तस्करी के खिलाफ सरकार का कड़ा रुख
बैठक में राष्ट्रपति Dr. Rashad Muhammad Al-Alimi ने साफ शब्दों में कहा कि अब तस्करी के मामलों में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। सरकार ने उन सभी नेटवर्क्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है जो देश के संसाधनों को खत्म कर रहे हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे हैं। नए निर्देशों के तहत किसी भी ऐसे बंदरगाह को तुरंत बंद करने का आदेश दिया गया है जो कानून के दायरे से बाहर काम कर रहा है। इसके अलावा, तस्करी में शामिल किसी भी अधिकारी या व्यक्ति को राजनीतिक या कामकाज की कोई छूट नहीं दी जाएगी और दोषी अधिकारियों को सीधे पब्लिक प्रोसिक्यूशन के पास भेजा जाएगा।
पोर्ट और सुरक्षा एजेंसियों के काम की होगी समीक्षा
यमन के प्रधानमंत्री Dr. Shaie Mohsen Al-Zindani, जो तस्करी से निपटने वाली उच्च समिति के प्रमुख भी हैं, ने अंतरिम राजधानी Aden में एक फॉलो-अप मीटिंग की अध्यक्षता की। इस बैठक में सभी जरूरी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया गया। सरकार देश के सभी बंदरगाहों, रास्तों और सुरक्षा एजेंसियों के कामकाज की फिर से जांच करेगी और जो अधिकारी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, उन्हें बदला जाएगा। साथ ही, समिति हौथी नियंत्रित क्षेत्रों में जाने वाले सैन्य सामान और दोहरे इस्तेमाल वाली चीजों की एक नई लिस्ट भी तैयार कर रही है ताकि गैर-कानूनी सप्लाई पर रोक लगाई जा सके।
अक्टूबर 2025 के आर्थिक फैसलों को मिल रही मजबूती
यह नए सुधार अक्टूबर 2025 में जारी किए गए उन आर्थिक आदेशों को आगे बढ़ाते हैं जिनका मकसद देश के एंट्री पॉइंट्स पर दोबारा सरकार का कंट्रोल लाना और सरकारी कमाई को बचाना था। साल 2022 से हौथी हमलों की वजह से तेल का निर्यात पूरी तरह बंद है, जिसकी वजह से सीमा शुल्क और टैक्स ही देश की वित्तीय स्थिरता का मुख्य जरिया बचे हैं। सरकार इन सभी नियमों को बहुत सावधानी से लागू कर रही है ताकि तस्करों के नेटवर्क को तो खत्म किया जा सके, लेकिन साथ ही आम नागरिकों तक जरूरी खाना, दवाइयां और विदेशों से आने वाले पैसे बिना किसी रुकावट के पहुंचते रहें।