यमन के राष्ट्रपति अल-अलीमी ने बताया कि हूती इलाकों से दो हफ्ते में ढाई लाख लोग हुए विस्थापित
यमन के राष्ट्रपति अल-अलीमी ने बताया कि पिछले दो हफ्तों में हूती इलाकों से 2.5 लाख लोग विस्थापित हुए हैं।

सना: यमन के राष्ट्रपति अल-अलीमी ने घोषणा की है कि पिछले दो हफ्तों के दौरान हूती नियंत्रण वाले इलाकों से करीब 2.5 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। सऊदी न्यूज द्वारा साझा की गई इस जानकारी ने देश में गहराते मानवीय संकट की ओर इशारा किया है।
संयुक्त राष्ट्र और UNHCR की रिपोर्ट भी इन आंकड़ों की पुष्टि करती है। उनके मुताबिक अगस्त 2026 से अब तक पूरे यमन में 2.5 लाख से ज्यादा लोग बेघर हो चुके हैं। अक्टूबर की शुरुआत के आंकड़ों के अनुसार, अकेले उसी महीने में 82 हजार लोग विस्थापित हुए थे।
इन विस्थापित लोगों में बड़ी संख्या उन नागरिकों की है जो ताइज़ गवर्नरशिप से भागे हैं। यह इलाका फिलहाल हूती बलों की घेराबंदी में है।
इसी बीच राष्ट्रपति अल-अलीमी ने 27 अक्टूबर को यूरोपीय संघ के देशों से अपील की है। उन्होंने यूरोपीय संसद से हूती मिलिशिया के राजनीतिक और सैन्य विंग, उनके नेतृत्व और सुरक्षा तंत्र को आतंकवादी संगठन घोषित करने के प्रस्ताव में तेजी लाने को कहा है।
अल-अलीमी ने पहले भी स्पष्ट किया था कि नागरिक बुनियादी ढांचे और हवाई अड्डों पर होने वाले हमले सरकारी संस्थानों को बहाल करने के मिशन में बाधा नहीं बनेंगे।
यह विस्थापन संकट 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' (फज्र अल-यमन) के चौथे हफ्ते के दौरान सामने आया है। राष्ट्रपति अल-अलीमी ने 5 अक्टूबर 2026 को इस ऑपरेशन की शुरुआत की थी, जिसका मकसद राजधानी सना समेत हूती कब्जे वाले इलाकों पर फिर से सरकारी नियंत्रण स्थापित करना है।
इसी दिन सऊदी काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने भी क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।