हूती विद्रोहियों के खिलाफ दुनिया एकजुट होकर सख्त कदम उठाए तभी रुकेगा संकट यमन राष्ट्रपति रशाद अल-अलीमी ने की मांग

सना (यमन): यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के राष्ट्रपति रशाद अल-अलीमी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हूती विद्रोहियों के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने साफ किया कि 'डॉन ऑफ यमन' सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक इसके सभी निर्धारित लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते।
अल-अलीमी ने कहा कि हूती समूह नागरिक हवाई अड्डों को निशाना बना रहा है, जिसके लिए दुनिया को एकजुट होकर जवाब देना होगा। उन्होंने इसकी तुलना अल-कायदा और आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठनों से लड़ने के लिए बनाए गए वैश्विक गठबंधनों से की।
राष्ट्रपति के मुताबिक, हूती मिलिशिया उन्हीं तरीकों का इस्तेमाल कर रही है जो स्थापित आतंकी समूह अपनाते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के पास हूतियों द्वारा किए गए अपराधों के पर्याप्त सबूत हैं और अब उन्हें इन कार्रवाइयों की गंभीरता के हिसाब से अपना रुख तय करना चाहिए।
अल-अलीमी ने इस बात पर जोर दिया कि होदेइदा बंदरगाह और यमन के तटीय इलाकों पर हूतियों का नियंत्रण मानवीय और राजनीतिक संकट को और बढ़ा रहा है।
समुद्री सुरक्षा पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए खतरा जमीन पर मौजूद हूती ठिकानों से पैदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि लाल सागर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दुनिया को यमन की वैध सरकार का समर्थन करना होगा, ताकि बंदरगाह शहरों और तटीय क्षेत्रों पर पूरा नियंत्रण स्थापित किया जा सके।