Yemen में भड़की तेज लड़ाई, 1 लाख से ज्यादा लोग घर छोड़ने को हुए मजबूर.

यमन में चल रहा सैन्य तनाव अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है और आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। 19 सितंबर 2026 को यमन की सरकारी सेना और हुथी विद्रोहियों के बीच मारिब, अल जौफ, लाहिज और ताइज़ इलाकों में भीषण झड़पें शुरू हो गईं। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुआ संघर्ष विराम टूटने के बाद यह नया हिंसा का दौर शुरू हुआ है। इस ताजा लड़ाई की वजह से देश के अंदर 1,12,000 से ज्यादा लोग बेघर हो चुके हैं और अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हैं। इसके अलावा करीब 3,000 लोग समुद्र पार करके जिबूती भाग गए हैं, जिससे इलाके में मानवीय संकट गहराता जा रहा है।
मारिब और ताइज़ में सुरक्षा बलों की कार्रवाई
मारिब शहर में सरकारी सेना ने हुथी विद्रोहियों के हमलों को तीन अलग-अलग दिशाओं से नाकाम कर दिया और उन्हें पीछे धकेल दिया। अल जौफ में तैनात फौजी टुकड़ियों ने प्रांतीय राजधानी अल-हाज्म की तरफ आगे बढ़ने में सफलता हासिल की। देश के दक्षिणी हिस्से में चलाए गए अभियानों के दौरान सेना ने लाहिज में अल-बाजला पहाड़ और मधखुला इलाके पर फिर से कब्जा जमा लिया। ताइज़ शहर में यमन की सेना ने हवाई हमलों और जमीनी कार्रवाई के बाद 30 हुथी लड़ाकों के मारे जाने और 60 के घायल होने की पुष्टि की। भारी गोलीबारी और हमलों के बीच हुथी नेता अब्दुल-मलक अल-हुथी ने उन आरोपों से साफ इनकार किया जिनमें कहा गया था कि उनके संगठन ने मक्का पर हमला करने की कोशिश की थी। उन्होंने इन सभी दावों कोरी अफवाह और गलत जानकारी बताया।
सऊदी अरब तक पहुंचा तनाव और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
यमन के अंदर चल रहा यह संघर्ष अब देश की सीमाओं से बाहर भी फैल चुका है। हालिया तनाव बढ़ने के बाद रियाद में सुरक्षा तंत्र को सक्रिय किया गया और सऊदी राजधानी में धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिसके बाद वहां पहला हवाई हमला अलर्ट जारी किया गया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सऊदी अरब की ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हुथी हमलों की कड़ी निंदा की और साथ ही सऊदी अरब के अपने देश की रक्षा करने के कानूनी अधिकार का पूरा समर्थन किया। इस मामले में अधिक जानकारी के लिए UN Security Council condemns Houthi attacks on Saudi Arabia पर विजिट कर सकते हैं। राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य अब्दुल्ला अल-नुआईमी ने साफ कहा कि जब तक यमन पर लगी नाकाबंदी पूरी तरह से हटाई नहीं जाती, तब तक उनका संगठन किसी भी समझौते पर विचार नहीं करेगा। ओमान की तरफ से मध्यस्थता करके दो हफ्ते के संघर्ष विराम का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे हुथियों ने ठुकरा दिया। वहीं दूसरी तरफ, हुथी विद्रोहियों का दावा है कि पिछले 24 घंटों में सऊदी अरब ने उनके इलाकों में 26 बार और पिछले एक हफ्ते में कुल 300 बार हवाई हमले किए हैं।