Yemen War: अल-बायदा में दक्षिणी जाइंट्स फोर्स का बड़ा हमला, हूती विद्रोहियों के ठिकाने तबाह.

यमन में चल रहे संघर्ष के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ दक्षिण यमन की सैन्य ताकतों ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। 19 सितंबर 2026 को दक्षिणी जाइंट्स फोर्सेज यानी qawat al-amaliqa al-janubiya ने अल-बायदा फ्रंट पर हूती ठिकानों, सैन्य वाहनों और लड़ाकों को निशाना बनाकर सटीक और जोरदार हमले किए। मैदानी रिपोर्ट से यह बात सामने आई है कि इलाके में हूती गतिविधियों की लंबे समय से रेकी यानी जासूसी की जा रही थी जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। इस सैन्य कार्रवाई में विद्रोहियों के कई मजबूत गढ़ और हथियार पूरी तरह नष्ट कर दिए गए हैं।
यमन में लगातार बढ़ रहा है तनाव
यमन का यह संघर्ष जुलाई 2026 की शुरुआत से ही काफी ज्यादा तेज हो गया है। जानकारों के मुताबिक, यह पूरा मामला तब और गंभीर हो गया जब 18 सितंबर 2026 को खुफिया रिपोर्टों से पता चला कि अल-बायदा में हूती सेना ने एक बैलिस्टिक मिसाइल बेस, एक ड्रोन फैसिलिटी और एक एक्टिव ट्रेनिंग कैंप बना रखा है। इसके अलावा पश्चिमी लाहज प्रांत में भी दक्षिणी जाइंट्स फोर्स की कार्रवाई लगातार जारी है। 17 सितंबर 2026 को हुई झड़प में हूती सेना के चार वाहन तबाह कर दिए गए थे और उनका एक ड्रोन भी आसमान में ही गिरा दिया गया था।
विभिन्न मोर्चों पर हूती विद्रोहियों को भारी नुकसान
विवाद तब और बढ़ गया जब 3 सितंबर 2026 को हूती बलों ने सऊदी समर्थित प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल यानी PLC के खिलाफ एक बड़ा हमला बोल दिया था। इस ताजा संघर्ष के जवाब में सरकारी अधिकारियों ने 19 सितंबर 2026 को जानकारी दी कि कह्बूब मोर्च पर कमांडर फिराक मोहसेन अल-अस्सार समेत कुल सात हूती लड़ाके मारे गए। इसके अलावा ताइज़ के पास हुई कार्रवाई में 30 हूती मारे गए और 60 घायल हो गए, जबकि मारिब में भी 12 हूती लड़ाकों के मारे जाने की पुष्टि की गई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और बयानबाजी
इस पूरे हालात पर बात करते हुए पीएलसी के चेयरमैन रशद अल-अमीमी ने 18 सितंबर 2026 को कहा कि अल-बायदा समेत कई गवर्नरेट में हूती ताकतों को बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है और सरकार जल्द ही पूरी स्थिति पर दोबारा नियंत्रण हासिल कर लेगी। बढ़ते तनाव को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 19 सितंबर 2026 को यमन में हूती सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने भी 7 सितंबर 2026 को चेतावनी दी थी कि यह बढ़ता संघर्ष आम नागरिकों के लिए बहुत बड़ा खतरा बन चुका है। दूसरी तरफ, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेई ने 19 सितंबर 2026 को एक बयान जारी कर सऊदी अरब पर दुश्मनी भरे कदम उठाने का आरोप लगाया और आगे भी कड़ा बदला लेने की धमकी दी है।