यमन के ताएज में भीषण धमाके, सरकारी सेना ने अल-कधा इलाके में किया बड़ा हमला और कई जगहों पर कब्जा.

यमन के ताएज शहर के पश्चिम में स्थित अल-कधा इलाके में 9 सितंबर 2026 को भारी धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इस घटना से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है और आम लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। यह ताजा घटनाक्रम यमन के कई मोर्चों पर चल रही भारी सैन्य कार्रवाइयों के बीच सामने आया है, जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार और हूती विद्रोहियों के बीच लड़ाई लगातार तेज होती जा रही है।
ताएज मिलिट्री एक्सिस के चीफ ऑफ स्टाफ का बयान
ताएज मिलिट्री एक्सिस के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अब्दुलअजीज अल-माजिदी ने इस बात की पुष्टि की कि सरकारी बलों ने अल-कधा सेक्टर में एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई के दौरान सरकारी सैनिकों ने अल-मकाजमा और अल-मिहाल क्षेत्रों पर पूरी तरह से अपना नियंत्रण सुरक्षित कर लिया है। इसके अलावा, सरकारी बलों ने उसी मोर्चे पर स्थित अल-कुरा पर्वत और नाकिएल पर भी अपना कब्जा जमाने का दावा किया है। यमन की सशस्त्र सेना के मीडिया सेंटर के अनुसार, युद्धक विमानों ने जबाल हबाशी जिले में हूती समूहों और उनके कमांड सेंटरों को निशाना बनाकर कई हवाई हमले किए।
हवाई हमलों में तबाह हुए वाहन
पिछले 24 घंटों के दौरान, सैन्य विमानों ने ताएज के पश्चिमी मोर्चों पर हथियारबंद लोगों और सैन्य उपकरणों को ले जा रहे 21 वाहनों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। जबाल हबाशी, अल-कधा, अल-वाजीइया और अल-बरह में हवाई हमलों के साथ-साथ भीषण जमीनी मुकाबला भी हुआ, जिसमें दोनों पक्षों के हताहत होने की खबरें सामने आई हैं। इसी तरह के हवाई हमले अल-बायदा क्षेत्र में भी दर्ज किए गए, जिससे पूरे देश में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।
राजधानी सना को आजाद कराने की योजना
यमन के उप रक्षा मंत्री समिर अल-सबरी ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार ने देश की राजधानी सना को आजाद कराने का एक पक्का फैसला ले लिया है। उन्होंने बताया कि जमीनी स्तर पर चल रही गतिविधियां एक सोची-समझी सैन्य रणनीति के तहत ही पूरी की जा रही हैं ताकि जल्द से जल्द सकारात्मक परिणाम मिल सकें। इस इस पूरे घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जिससे कूटनीतिक हलचल भी तेज हो गई है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता
संयुक्त राष्ट्र ने ताएज में जारी इन हिंसक झड़पों को लेकर गहरी चिंता जताई है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। वहीं दूसरी ओर, अरब मंत्रिस्तरीय परिषद ने यमन लीडरशिप काउंसिल के प्रति अपना समर्थन फिर से दोहराया है और देश के विकास के लिए एक नया फंड स्थापित करने की दिशा में कदम उठाया है। इसके अलावा, संयुक्त राज्य अमेरिका ने हूती ताकतों के खिलाफ अपनी जमीन की रक्षा करने के यमन सरकार के अधिकार का समर्थन किया है और सऊदी अरब की सीमाओं की सुरक्षा के प्रयासों के प्रति अपना लगातार समर्थन जताया है।