यमन के Taiz प्रांत में फिर भड़की हिंसा, जंग के कारण 1800 परिवार हुए बेघर.

Sushma Kumari5 September 20262 min read23 viewsYemen
यमन के Taiz प्रांत में फिर भड़की हिंसा, जंग के कारण 1800 परिवार हुए बेघर.

यमन के ताइज प्रांत में हाल ही में अचानक शुरू हुई सैन्य झड़पों के कारण हालात काफी बिगड़ गए हैं। हिंसा की इस ताजा लहर की वजह से लगभग 1,800 परिवार अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र और स्थानीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह संकट 3 सितंबर 2026 के शुरुआती घंटों में शुरू हुआ था, जिसके बाद से लगातार लोगों का पलायन जारी है। इस स्थिति ने आम लोगों की जिंदगी को बहुत मुश्किल में डाल दिया है और हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल देखा जा रहा है।

विस्थापन और मानवीय संकट की पूरी कहानी

यमन की राजधानी सना और अन्य इलाकों से मिली रिपोर्ट बताती हैं कि यह नया संघर्ष उस शांति को तोड़कर सामने आया है जो अप्रैल 2022 में संयुक्त राष्ट्र के समझौते के बाद से बनी हुई थी। ग्राउंड रिपोर्टिंग के अनुसार, यमन के योजना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय के ताइज कार्यालय ने पुष्टि की है कि केवल 3 सितंबर से 4 सितंबर के बीच ही 917 परिवार अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए। इस भारी विस्थापन की मुख्य वजह माकबनह जिला, जबल हबाशी और उसके आसपास के इलाकों में हुई भीषण गोलीबारी और बमबारी है। लोग इतनी अचानक पैदा हुए हालात से डरे हुए थे कि वे बिना किसी तैयारी के अपने जरूरी सामान और घर को छोड़कर भागने पर मजबूर हो गए।

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प्रभावित इलाके और राहत की गुहार

इस खूनी संघर्ष ने न सिर्फ सामान्य रिहायशी इलाकों को अपनी चपेट में लिया, बल्कि कई शरणार्थी शिविरों को भी खाली कराने की नौबत ला दी। ओजुल अल-यमान, अल-अब्दलाह, अल-अशमलाह, अल-जुब्ब, अल-रहबाह, अल-राजही, अल-हाजाब और हज्जत गाबेह जैसे कई कैंप खाली हो चुके हैं, जिससे इन विस्थापित लोगों को दोबारा दूसरी जगह भटकना पड़ रहा है। लोग किसी तरह जान बचाकर जबल हबाशी, अल-माफर, अश् शामायतयन, मव्जा और दुबाब जिलों के सुरक्षित कोनों में शरण ले रहे हैं। हालांकि, लगातार जारी गोलाबारी की वजह से रास्तों पर चलना खतरनाक बना हुआ है और कई परिवार अभी भी फ्रंटलाइन के इलाकों में फंसे हुए हैं। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ReliefWeb की रिपोर्ट देख सकते हैं।

स्थानीय मीडिया ने सरकारी सैनिकों, हूती लड़ाकों और कुछ नागरिकों के हताहत होने की खबर दी है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक और पक्का आंकड़ा सामने नहीं आया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मंत्रालय ने तुरंत भोजन, आपातकालीन तंबू, साफ-सफाई का सामान और पीने के पानी जैसी जरूरी चीजों के लिए अपील की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर यह लड़ाई नहीं रुकी, तो विस्थापित होने वाले लोगों की संख्या आने वाले दिनों में और ज्यादा बढ़ जाएगी, जिससे मानवीय संकट अपने चरम पर पहुंच सकता है। इस संबंध में पूरी स्थिति जानने के लिए यमन सिचुएशन अपडेट को पढ़ा जा सकता है।

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