Yemen Taiz: यमन में बड़ा हमला, ड्रोन और मिसाइल चलाने वाले 4 ईरानी एक्सपर्ट ढेर

यमन के ताइज़ गवर्नरेट में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और हाल ही में एक बड़ी घटना सामने आई है। 27 सितंबर 2026 को सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार, ताइज़ में ड्रोन और मिसाइल ऑपरेशंस से जुड़े चार ईरानी एक्सपर्ट्स की मौत हो गई है। यमन की सरकारी सेना के प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की है कि ये सभी लोग आधुनिक हथियारों को चलाने और लॉन्च करने के काम में शामिल थे। इस घटना के बाद से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और ज्यादा कड़ी कर दी गई है और दोनों पक्षों के बीच संघर्ष काफी ज्यादा तेज हो गया है।
शीबा इंटेलिजेंस की रिपोर्ट और मिलिट्री इंटेलिजेंस का खुलासा
खुफिया प्लेटफॉर्म 'शीबा इंटेलिजेंस' से मिली जानकारी के मुताबिक, ये सभी एक्सपर्ट्स ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़े हुए थे। पश्चिमी ताइज़ में हूती काफिले पर हुए एक एयरस्ट्राइक के बाद से ही इन पर नजर रखी जा रही थी। हमले के बाद मौके से दो लोगों के शव बरामद किए गए थे, जबकि बाकी दो लोगों की स्थिति के बारे में पहले कोई पुख्ता जानकारी नहीं थी। मिलिट्री इंटेलिजेंस ने पहले ही यह नोट किया था कि ये लोग विशेष इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे थे और गैर-यमन अरबी बोलियों में बातचीत करते थे। सरकार का मानना है कि इन विदेशी विशेषज्ञों की मौजूदगी से यमन में युद्ध की स्थिति और ज्यादा खतरनाक होती जा रही है।
हूती बलों का दावा और सऊदी एयरस्ट्राइक
दूसरी तरफ, हूती-समर्थित यमन सशस्त्र बलों ने अपने 331 लड़ाकों के हताहत होने की बात कही है, जिसमें मारे गए और घायल दोनों सैनिक शामिल हैं। इसी दिन एक अन्य बयान में हूती बलों के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारेई ने जानकारी दी कि एक सऊदी एफ-15 युद्धक विमान ने सुबह 11:29 बजे ताइज़ के मा'विया बाजार पर दो हवाई हमले किए। हूती-संबद्ध स्वास्थ्य मंत्रालय के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, इन हमलों में 7 लोगों की मौत हो गई और बच्चों समेत 40 लोग घायल हो गए हैं। स्थानीय अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी है और मरने वालों का आंकड़ा बढ़ भी सकता है।
ताइज़ में कई मोर्चों पर भीषण झड़पें
ताइज़ के कई अलग-अलग इलाकों में भयंकर झड़पों की खबरें लगातार मिल रही हैं, जिसमें मा'विया, अल-वाज़ियाह, अल-बारह, मकबाना और जबल हबाशी के इलाके मुख्य रूप से शामिल हैं। यमन की सरकारी सेना ने हूती कैंपों और हथियारों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। इसके जवाब में हूती बलों ने भी हान क्षेत्र और एयर डिफेंस सेक्टर में सरकारी ठिकानों पर भारी गोलाबारी की है। लगातार हो रही इन लड़ाइयों की वजह से आम नागरिकों का जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
रेड सी और नागरिक उड़ानों पर मंडराता खतरा
सरकारी बलों ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि हुदैदाह के पास काम कर रहे ईरानी निर्मित मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम रेड सी के ऊपर से गुजरने वाली नागरिक और मानवीय उड़ानों के लिए बहुत बड़ा खतरा बन गए हैं। ब्रिगेडियर जनरल सारेई ने यह भी दावा किया है कि हूती बलों ने नई तकनीक हासिल कर ली है, जिससे खमीस मुशाइत एयरबेस से सऊदी एफ-15 विमानों की गतिविधियों को ट्रैक किया जा सकता है। ये सारे घटनाक्रम रियाद में सऊदी ज्वाइंट फोर्सेस कमांडर और यमन की प्रेसिडेंट लीडरशिप काउंसिल के सदस्य तारिक सालेह के बीच हुई रणनीतिक बैठकों के बाद सामने आए हैं।