Yemen Taiz Attack: यमन के ताएज में हूती हमलों से भड़की हिंसा, 25 लोगों की मौत और भारी पलायन शुरू

यमन के Taiz प्रांत में हूती बलों और सरकारी सेना के बीच हुई भीषण झड़प में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में 15 सरकारी सैनिक और 10 हूती सदस्य शामिल हैं। सरकारी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, यह खूनी संघर्ष गुरुवार, 3 सितंबर 2026 की सुबह तड़के शुरू हुआ था। हूती लड़ाकों ने सरकारी ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमला बोला था, जिसके बाद यह जंग मुख्य रूप से Maqbanah और Al-Kadha गांवों के आसपास केंद्रित हो गई। इस भारी हिंसा और गोलाबारी के कारण आम नागरिकों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर भागना पड़ा है, जिससे इलाके में बड़े पैमाने पर विस्थापन शुरू हो गया है।
हूती हमलों और गोलाबारी की पूरी जानकारी
यमेरी सशस्त्र बल मीडिया केंद्र ने जानकारी दी कि गुरुवार को हूती ताकतों ने ताबड़तोड़ हमले किए। उन्होंने Taiz और Hodeidah प्रांतों के घनी आबादी वाले जिलों को निशाना बनाते हुए 14 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं और कई ड्रोन हमले किए। हालांकि यमनी वायु रक्षा प्रणाली ने हवा में ही कई ड्रोनों को मार गिराया, लेकिन हमलों की वजह से आम लोगों की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई। Maqbanah और Al-Kadha इलाकों में लगातार हो रही तोपखाने की गोलीबारी के कारण डरे-सहमे परिवारों ने पलायन करना शुरू कर दिया है। इसी बीच, एक खतरनाक हमला Al-Wazi'iyah जिले के Karim School पर हुआ। जिस समय यह हमला हुआ, उस वक्त स्कूल में कक्षाएं चल रही थीं। गनीमत यह रही कि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन स्कूल की इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है।
सामरिक उद्देश्य और समुद्री मोर्चे पर जंग
रणनीतिक तौर पर ऐसा लग रहा है कि हूती विद्रोही उस सड़क को काटना चाहते हैं जो Taiz को सरकार के नियंत्रण वाले बंदरगाह शहर Mokha से जोड़ती है। राजनीतिक कार्यकर्ता Riyadh Aldubai ने इस आक्रामक अभियान को महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और आर्थिक संस्थानों को पूरी तरह तबाह करने की एक सोची-समझी कोशिश बताया है। समुद्री सुरक्षा के मोर्चे पर भी तनाव बना हुआ है। यमनी सशस्त्र बलों से जुड़ी नेशनल रेजिस्टेंस ने गुरुवार को Mokha बंदरगाह को निशाना बनाकर आ रही एक बम से लदी नाव को समंदर में ही नष्ट कर दिया। इससे पहले 2 सितंबर यानी सोमवार को भी सरकारी बलों ने Hanish और Zuqar Islands के पास हथियारों से भरी चार नावों को रोककर नाकाम कर दिया था।
अंतर्राष्ट्रीय चिंता और आधिकारिक बयान
यमन के सूचना मंत्री Moammar Eryani ने क्षेत्रीय स्थिरता के सामने खड़े हो रहे खतरों का हवाला देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे राजनीतिक, सैन्य, सुरक्षा और खुफिया स्तर पर तुरंत और ज्यादा मदद मुहैया कराएं। दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि हिंसा में हुई यह भारी बढ़ोतरी साल 2022 में हुए संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता वाले संघर्षविराम के बाद से सबसे बड़ी उथल-पुथल में से एक है। इस स्थिति ने एक बार फिर से पूरे देश में बड़े पैमाने पर जंग छिड़ने की आशंका को बढ़ा दिया है। शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 तक हूती गुट की तरफ से सरकार के इन बयानों और रिपोर्ट की गई झड़पों पर कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।