यमन के ताइज़ में 48 घंटों में हूती उल्लंघन के 219 मामले दर्ज

ताइज़ (यमन): यमनी नेटवर्क फॉर राइट्स एंड फ्रीडम्स ने 15 अक्टूबर 2026 को जारी रिपोर्ट में बताया कि ताइज़ गवर्नरेट में हूती मिलिशिया ने 48 घंटों के भीतर 219 अपराध और उल्लंघन किए। ताइज़ में हूती उल्लंघन का यह आंकड़ा इस हफ्ते की सबसे बड़ी तस्वीरों में से एक है।
रिपोर्ट में दर्ज मामलों में हत्या, शारीरिक चोट, अपहरण और जबरन लापता करने की घटनाएं शामिल हैं। इसके अलावा घरों में छापेमारी, लूटपाट और आबादी वाले इलाकों पर अंधाधुंध गोलाबारी का भी ज़िक्र है।
इससे पहले 13 अक्टूबर 2026 की एक रिपोर्ट में 24 घंटों के भीतर 43 अलग-अलग अपराध दर्ज किए गए थे। उस अवधि में 5 नागरिकों की मौत हुई, जिनमें एक बच्चा भी था, और 17 लोग घायल हुए, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
उसी दौरान मिलिशिया ने 180 से ज़्यादा प्रोजेक्टाइल दागे, जिनसे नागरिक ढांचे को नुकसान पहुंचा। नुकसान झेलने वालों में अल-सफ़वा अस्पताल और अल-सईद मस्जिद शामिल हैं।
यह सैन्य टकराव जुलाई में तेज़ हुआ और इसे अप्रैल 2022 के युद्धविराम के बाद का सबसे व्यापक संघर्ष बताया जा रहा है। हूती हमले ताइज़ के पश्चिमी, पूर्वी और दक्षिणी मोर्चों पर हो रहे हैं, और सबसे भीषण लड़ाई रणनीतिक जबल हान पहाड़ी पर चल रही है।
सरकारी बल इन हमलों का विरोध कर रहे हैं। इन हमलों से ढुबाब सड़क को खतरा है, जो ताइज़, लाहज और अस्थायी राजधानी अदन को जोड़ने वाली अहम कड़ी है।
संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) के अनुसार ताइज़ की स्थिति बेहद गंभीर है। अगस्त से विस्थापित हुए 2,16,000 लोगों में से 1,72,000 से ज़्यादा ताइज़ गवर्नरेट के रहने वाले हैं।
यमन के मानवाधिकार मंत्रालय ने घेराबंदी की निंदा की है और भोजन, ईंधन तथा चिकित्सा आपूर्ति रोकने को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बताया है। सरकार ने संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद से तत्काल अपील की है और आगामी मानवीय आपदा की चेतावनी दी है। साथ ही सरकार ने कहा है कि वह राज्य का नियंत्रण बहाल करने के लिए "फजर यमन" सैन्य अभियान जारी रखेगी।