Yemen Crisis: ताइज में बिगड़ते हालात, एक छोटे कमरे में रहने को मजबूर हैं विस्थापित परिवार

Nura Basta26 September 20262 min read3 viewsYemen
Yemen Crisis: ताइज में बिगड़ते हालात, एक छोटे कमरे में रहने को मजबूर हैं विस्थापित परिवार

यमन के ताइज शहर में हालात बहुत खराब हो गए हैं और वहां मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है। संघर्ष बढ़ने की वजह से बड़ी संख्या में लोग अपना घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों की तलाश में ताइज पहुंचे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मध्य सितंबर 2026 तक अकेले ताइज शहर में 80,792 से ज्यादा विस्थापित लोग दर्ज किए गए। कुल मिलाकर इस इलाके में 83,000 से अधिक लोग शरण ले चुके हैं, जिससे वहां रहने की जगह, पानी और खाने-पीने के सामान की भारी कमी हो गई है। आम जनता इस मुसीबत के दौर में बुनियादी जरूरतों के लिए भी जूझ रही है और अधिकारियों के पास राहत पहुंचाने के संसाधन कम पड़ रहे हैं।

एक कमरे में कई परिवार रहने को मजबूर

हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि ताइज शहर में रहने के लिए मकान नहीं मिल रहे हैं। स्थिति यह है कि 6 से 8 विस्थापित परिवार मिलकर एक ही छोटे और तंग अपार्टमेंट में रहने को मजबूर हैं। अल जजीरा की रिपोर्टर हदील अल यमानी ने बताया कि शहर पर दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है और मानवीय स्थिति लगातार नीचे गिरती जा रही है। लोग बेहद कठिन परिस्थितियों में अपना गुजर-बसर कर रहे हैं, जहां उन्हें साफ पानी और पर्याप्त भोजन जैसी बुनियादी सुविधाएं भी समय पर नहीं मिल पा रही हैं। इस गंभीर स्थिति के बारे में अधिक जानकारी आप ReliefWeb रिपोर्ट पर देख सकते हैं।

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पूरे देश में शिक्षा और स्वास्थ्य पर बड़ा असर

यमन के दूसरे हिस्सों में भी लड़ाई की वजह से आम जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है। यूनिसेफ की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर की शुरुआत से लेकर अब तक देश भर में 243 स्कूल बंद हो चुके हैं। इसके अलावा संघर्ष की चपेट में आने से कम से कम 15 बच्चों की जान चली गई है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने भी इस बात पर चिंता जताई है कि आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के शिविरों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इस बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए आप ReliefWeb अपडेट पढ़ सकते हैं।

राहत कार्यों में आ रही है भारी रुकावट

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी यानी UNHCR और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन यानी IOM जैसी बड़ी मानवीय संस्थाओं ने चेतावनी दी है कि लोगों का विस्थापित होना उपलब्ध राहत उपायों से बहुत तेज गति से हो रहा है। सितंबर के शुरुआती अठारह दिनों में ही देश भर में 146,000 से ज्यादा लोग बेघर हो चुके हैं। पैसों की कमी और राहत सामग्री पहुंचाने वाले रास्तों में रुकावट आने की वजह से इन पीड़ित लोगों तक समय पर मदद नहीं पहुंच पा रही है। इस बढ़ती हुई आपदा और हैजा जैसी बीमारियों के डर के बारे में आप ReliefWeb की इस रिपोर्ट में पूरी बात जान सकते हैं।

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