यमन के तइज़ में हूती बलों की घेराबंदी से गहराया संकट, लाखों लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसे

हूती बलों की घेराबंदी से यमन के तइज़ शहर में भोजन, ईंधन और दवाओं की भारी किल्लत हो गई है, जिससे लाखों लोग प्रभावित हैं।

Nura Basta28 October 20262 min read0 viewsYemen
यमन के तइज़ में हूती बलों की घेराबंदी से गहराया संकट, लाखों लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसे

तइज़ (यमन): यमन के तइज़ शहर में हूती बलों की लगातार जारी घेराबंदी के कारण मानवीय संकट गहरा गया है। इस घेराबंदी ने जरूरी सामान की सप्लाई रोकने वाले रास्तों को बंद कर दिया है, जिससे करीब 6 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। ये लोग अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए मानवीय सहायता पर निर्भर हैं।

अल जजीरा की 28 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, तइज़-अल-तुर्बाह-अदन रोड सहित मुख्य रास्तों को बंद कर दिया गया है। इसके अलावा, 1 अक्टूबर और 18 अक्टूबर को विस्फोटकों के जरिए हयजत अल-अब्द रोड को नष्ट कर दिया गया, जिससे शहर में भोजन और ईंधन की आवक पूरी तरह ठप हो गई है।

आर्थिक हालात बेहद खराब हो चुके हैं और 5 अक्टूबर से ईंधन स्टेशन बंद हैं। पेट्रोल की कीमतों में भारी उछाल आया है; जहां एक साल पहले 20 लीटर पेट्रोल 30 हजार यमनी रियाल (19 डॉलर) था, वहीं अब इसकी कीमत बढ़कर 1.20 लाख रियाल (77 डॉलर) हो गई है। साथ ही खाने-पीने की चीजों के दाम भी दोगुने हो गए हैं।

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ईंधन की कमी के कारण परिवारों को खाना पकाने के लिए लकड़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है। पानी के उत्पादन की क्षमता भी आधी रह गई है। तइज़ के गवर्नर नबील शम्सान ने बताया कि वादी अल-धुबाब के कुओं तक पहुंच खत्म होने से निवासियों को करीब 30 लाख लीटर पानी से हाथ धोना पड़ा है।

स्वास्थ्य सेवाएं भी पूरी तरह चरमरा गई हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, 42 स्वास्थ्य केंद्रों में ईंधन, ऑक्सीजन और दवाओं की भारी कमी है। ये चीजें 1,110 किडनी डायलिसिस मरीजों, गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में भर्ती 192 लोगों और इनक्यूबेटर में रखे 154 शिशुओं की जान बचाने के लिए बेहद जरूरी हैं।

कानूनी मामलों के मंत्री इशराक अल-मक्तरी ने जानकारी दी कि पिछले कुछ दिनों में तइज़ के अलग-अलग इलाकों में 2,000 से ज्यादा प्रोजेक्टाइल और विस्फोटक दागे गए हैं, जिससे मदद पहुंचाना और मुश्किल हो गया है। ह्यूमन राइट्स वॉच ने चेतावनी दी है कि नागरिक जीवन के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे को जानबूझकर नष्ट करना युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकता है।

यमन की विदेश मंत्री अफराह अल-ज़ौबा और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने इस घेराबंदी को खत्म करने की अपील की है ताकि एक बड़े मानवीय हादसे को रोका जा सके।

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