तइज़ के मिलात में हूती ठिकानों पर लड़ाकू विमानों के हवाई हमले

तइज़, यमन: यमन के तइज़ प्रांत में हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई एक बार फिर तेज़ हो गई है। 12 अक्टूबर 2026 को लड़ाकू विमानों ने अल-दुबाब इलाके के मिलात क्षेत्र में हूती जमावड़ों और उनके सैन्य उपकरणों को निशाना बनाया। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब 11 और 12 अक्टूबर को इस इलाके में लगातार गतिविधियां चल रही थीं।
यमनी सेना की तइज़ मिलिट्री एक्सिस ने पुष्टि की है कि 12 अक्टूबर को प्रांत के अलग-अलग मोर्चों पर विमानों ने कई उड़ानें भरीं। इन उड़ानों का मकसद हूती रक्षात्मक ठिकानों और उनकी रसद व्यवस्था को कमज़ोर करना बताया गया है। सेना के मुताबिक यह अभियान उस बड़े प्रयास का हिस्सा है, जिसके ज़रिए तइज़ के इलाकों पर फिर से नियंत्रण पाने और वहां सरकारी संस्थाओं को दोबारा खड़ा करने की कोशिश हो रही है।
सऊदी गठबंधन का समर्थन और अल-दुबाब की अहमियत
इस पूरे अभियान को सऊदी अरब की अगुवाई वाले गठबंधन का सहयोग मिल रहा है। गठबंधन की ओर से चौबीसों घंटे हवाई निगरानी और सामरिक मदद दी जा रही है, ताकि यमनी सरकारी बल अग्रिम मोर्चों पर आगे बढ़ सकें। अल-दुबाब जिला रणनीतिक रूप से अहम माना जाता है, इसलिए इस इलाके में हो रही हर सैन्य हलचल पर नज़र रखी जा रही है।
सूत्र बताते हैं कि मिलात और आसपास के इलाकों में जमीनी लड़ाई और हवाई कार्रवाई साथ-साथ चल रही है। फिलहाल हमले में हुए नुकसान या हताहतों की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है, और इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। तइज़ जैसे संवेदनशील प्रांत में आम नागरिकों पर इसका क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले दिनों की रिपोर्टों से साफ होगा।
यह खबर सबसे पहले सऊदी न्यूज़ 50 ने प्रकाशित की है। यमन में चल रहे संघर्ष पर नज़र रखने वाले पाठकों के लिए यह घटनाक्रम इसलिए अहम है, क्योंकि तइज़ और अल-दुबाब में बढ़ती सैन्य गतिविधि आने वाले समय में पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर असर डाल सकती है।