Yemen News: ताइज़ में लौटी शांति, सरकारी सेना ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ की बड़ी कार्रवाई.

यमन के दक्षिणी ताइज़ गवर्नेरट में पिछले कुछ दिनों की भारी हिंसा के बाद अब हालात में सुधार देखा जा रहा है और वहां सावधानीपूर्वक शांति लौट आई है। यमन सरकार की सेना ने स्थानीय लोगों और कई सैन्य संगठनों के साथ मिलकर हाल ही में कुछ सामरिक रूप से बेहद अहम ठिकानों पर अपना कब्जा जमा लिया है। इस सैन्य कार्रवाई के बाद से इलाके में संघर्ष की तीव्रता में कुछ कमी आई है और आम जनजीवन को पटरी पर लाने की कोशिश की जा रही है। सरकार और स्थानीय लड़ाकों की इस संयुक्त कार्रवाई से विद्रोही गुटों को बड़ा झटका लगा है और सुरक्षा बलों ने अपने रक्षात्मक मोर्चों को काफी मजबूत कर लिया है।
Nouman Mountain पर सरकारी सेना का कब्जा
25 सितंबर 2026 को सरकारी सैनिकों ने स्थानीय Al-Sabiha जनजातीय लड़ाकों, नेशन शील्ड फोर्सेस, जाइंट्स ब्रिगेड, ताइज़ मिलिट्री एक्सिस और पॉपुलर रेजिस्टेंस यूनिट्स के साथ मिलकर एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया। इस संयुक्त अभियान के दौरान सैनिकों ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Nouman Mountain पर पूरी तरह से नियंत्रण हासिल कर लिया। आपको बता दें कि यह पहाड़ी इलाका ताइज़ और लाहज गवर्नेरट के बीच में स्थित है और सामरिक लिहाज से बहुत अहम है। इसके अलावा, सैनिकों ने लाहज के Al-Sabiha मोर्चे पर भी कई अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों पर कब्जा कर लिया और हूती विद्रोहियों के आगे बढ़ने के सभी प्रयासों को पूरी तरह से विफल कर दिया।
हीजात अल-अब्द दर्रे पर रातभर हुई थी भयंकर झड़प
इन ताजा सफलताओं से ठीक पहले 24 सितंबर 2026 को इस क्षेत्र में भीषण लड़ाई देखने को मिली थी। उस रात ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने ताइज़ को दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन से जोड़ने वाले मुख्य आपूर्ति मार्ग यानी Hejat al-Abd mountain pass पर कई बार रातभर हमले किए थे। हालांकि, सरकारी बलों ने इन सभी हमलों को डटकर मुकाबला करते हुए नाकाम कर दिया। उसी दिन सैन्य इकाइयों ने अदन, लाहज और ताइज़ को जोड़ने वाली एक मुख्य सड़क के पास हूती विद्रोहियों की घुसपैठ की कोशिश को भी नाकाम कर दिया। इस जवाबी कार्रवाई में हूती लड़ाकों को भारी जान-माल का नुकसान उठाना पड़ा और उनके कई सैन्य उपकरण भी नष्ट हो गए। ज़मीनी अभियानों को मजबूती देने के लिए यमन की सरकारी सेना ने ताइज़ गवर्नेरट के भीतर हूती ठिकानों और वहां से आ रही अतिरिक्त सैन्य कुकमकों पर सटीक हवाई حملे भी किए।
बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास बदला रणनीतिक फोकस
अल जज़ीरा की रिपोर्टर महा अली ने जानकारी दी है कि इस संघर्ष का सामरिक ध्यान अब पहाड़ी इलाकों की तरफ ज्यादा केंद्रित हो गया है। विशेष रूप से Kahboub Mountains पर दोनों पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि यह इलाका Bab al-Mandeb Strait के ऊपर एक मजबूत रणनीतिक बढ़त प्रदान करता है। यह बदलाव सितंबर के शुरुआती हफ्तों में हुई उन घटनाओं के बाद आया है जब हूती बलों ने मोचा और मय्युन द्वीप पर कब्जा कर लिया था। इन सामरिक रूप से अहम इलाकों के नियंत्रण को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से खींचतान चल रही है, जिसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है।
राष्ट्रपति अलिमी और ब्रिटिश राजदूत के बीच हुई अहम बैठक
कूटनीतिक मोर्चे पर भी यमन में शांति और स्थिरता लाने के प्रयास लगातार जारी हैं। प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के अध्यक्ष Rashad Al-Alimi ने 25 सितंबर 2026 को यमन में ब्रिटेन के राजदूत से एक विशेष मुलाकात की। इस बैठक के दौरान राष्ट्रपति अलिमी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हूती विद्रोहियों को पूरी तरह से हराने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का मजबूत समर्थन मिलना बेहद जरूरी है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि युद्ध के मैदान में अपनी स्थिति को मजबूत करने और फिर से पहल अपने हाथ में लेने के लिए सरकार अपनी सैन्य, आर्थिक और राजनीतिक ताकतों को एकजुट करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, भले ही मैदानी हालात में कितनी भी उथल-पुथल क्यों न चल रही हो।