ताइज़ में ज़मीनी जंग से तय होगा भविष्य: यमन की सेना का बड़ा बयान

यमन की सशस्त्र सेना ने स्पष्ट कर दिया है कि ताइज़ प्रांत में चल रहे संघर्षों का फैसला अब केवल ज़मीनी युद्ध के मैदान में ही होगा। सेना ने कहा है कि यह लड़ाई अब केवल प्रचार का विषय नहीं रह गई है, बल्कि युद्ध के मैदान में हो रही कार्रवाई ही तय करेगी कि आगे क्या होगा। अप्रैल 2022 के युद्धविराम के बाद से यह क्षेत्र सबसे भीषण संघर्षों का गवाह बन रहा है।
हूती ठिकानों पर बड़े सैन्य हमले
सैन्य प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नुज़ैली ने जानकारी दी कि यमन की सेना ने हूती ठिकानों के खिलाफ आठ सटीक हमले किए हैं। इन ऑपरेशनों के दौरान अल-वाज़ियाह में तीन तोपखाना बैटरियों और मोखा में एक मोबाइल एयर-डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। अधिकारियों का आरोप है कि इन रक्षा प्रणालियों को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के विशेषज्ञों की मदद से विकसित किया गया था।
इसके अलावा, Mansoura और Bab Al-Mandab क्षेत्रों में हूती नेताओं और लड़ाकों को खत्म करने की पुष्टि की गई है। मेजर जनरल माजिद अब्दुल्ला अल-नाज़िली के अनुसार, पूर्वी, अल-बैदा और अल-मंसौरा मोर्चों पर कुल 468 सैन्य अभियान चलाए गए, जिससे हूतियों को भारी नुकसान पहुँचा है।
हजारों हूती लड़ाकों को हुआ भारी नुकसान
रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले 72 घंटों के भीतर किए गए 756 ऑपरेशनों में हूती सेना को भारी तबाही का सामना करना पड़ा है। इसमें 2,316 हूती लड़ाकों के मारे जाने या घायल होने की खबर है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ड्रोन और मिसाइल ऑपरेशनों में शामिल चार ईरानी विशेषज्ञों की मौत की भी पुष्टि हुई है।
सैन्य नेतृत्व ने हूती बलों पर अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया है। उन पर जानबूझकर नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का आरोप है।
आसमान से भी बरसी मौत: हवाई हमले और ड्रोन कार्रवाई
युद्ध के इस दौर में केवल ज़मीनी लड़ाई ही नहीं, बल्कि हवाई हमले भी तेज हो गए हैं। अल-अकबूश और हाइफन में सरकार की वायुसेना ने छह हवाई हमले किए। वहीं, सैन्य ड्रोनों ने अल-कदा फ्रंट पर एक 120 मिमी तोप और गोला-बारूद के भंडार को नष्ट कर दिया। इसके अलावा, अल-कदाह के ऊपर एक हूती ड्रोन को भी मार गिराया गया।
ताइज़ मिलिट्री एक्सिस मीडिया सेंटर के अनुसार, हालिया संघर्ष में 12 हूती उग्रवादियों की मौत हुई है और 13 अन्य घायल हुए हैं। साथ ही, एक टैंक और दो सैन्य वाहनों को भी नष्ट कर दिया गया है।
बढ़ता मानवीय संकट और बुनियादी ढांचे पर हमला
हूती विरोधी बलों द्वारा ज़मीनी पैंतरेबाज़ी की जा रही है, जिसमें ताइज़ को अदन से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण सड़क को नष्ट करना शामिल है। इसके साथ ही, आवासीय क्षेत्रों और उत्तर-पश्चिमी ताइज़ में स्थित एयर डिफेंस साइट पर भी लगातार गोलाबारी की जा रही है, जिससे क्षेत्र में तनाव और मानवीय संकट गहराता जा रहा है।