यमन में बंद सभी संयुक्त राष्ट्र कर्मियों की तुरंत रिहाई की मांग

Nura Basta15 October 20262 min read0 viewsYemen
यमन में बंद सभी संयुक्त राष्ट्र कर्मियों की तुरंत रिहाई की मांग

यमन: संयुक्त राष्ट्र ने यमन में हूती अधिकारियों से अपील की है कि वे हिरासत में बंद सभी कर्मचारियों को बिना किसी शर्त तुरंत रिहा करें। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के उप प्रवक्ता फरहान हक ने यह मांग दोहराई। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों, नागरिक समाज समूहों और राजनयिक मिशनों के कर्मचारी भी इस सूची में शामिल हैं।

यह अपील एक कर्मचारी की रिहाई के बाद आई है। हक के मुताबिक 14 अक्टूबर 2026 को सामी अल-कलाबी को छोड़ा गया, जो यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र विशेष दूत हैंस ग्रुंडबर्ग के कार्यालय में काम करते थे। वे जून 2024 से हिरासत में थे। हक ने बताया कि अल-कलाबी अपने परिवार से मिल चुके हैं और उम्मीद जताई कि उन्हें जरूरी विशेष चिकित्सा सेवा मिलेगी।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार रिहाई के बावजूद 70 से ज्यादा संयुक्त राष्ट्र कर्मी अब भी हिरासत में हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में मौजूदा कर्मचारियों की संख्या 71 से 73 के बीच बताई गई है, और इनके अलावा पांच पूर्व कर्मचारी भी हिरासत में हैं। हूती अधिकारियों की गिरफ्तारियों का सिलसिला 31 मई 2024 को शुरू हुआ था।

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हक ने बताया कि 18 अगस्त 2026 से कम से कम आठ लोगों के खिलाफ जासूसी से जुड़े आरोपों में आपराधिक मुकदमे के लिए मामले भेजे गए हैं। इनमें दो संयुक्त राष्ट्र कर्मचारी, एक संयुक्त राष्ट्र सलाहकार और पांच नागरिक समाज से जुड़े कार्यकर्ता शामिल हैं। इन आरोपों में मौत की सजा भी हो सकती है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने 2021, 2023, 2024 और 2025 में हुई हिरासत की कार्रवाइयों की निंदा की है। विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने बताया कि पिछले हफ्ते उसके एक कर्मचारी को भी रिहा किया गया है, और वह अपने बाकी हिरासत में बंद कर्मचारियों के लिए आवाज उठाना जारी रखेगा।

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि उसके कर्मचारी, जिनमें यमनी नागरिक भी शामिल हैं, कानूनी छूट के तहत संरक्षित हैं। हक ने यह भी कहा कि इन कर्मचारियों की हिरासत से लाखों लोगों तक जरूरी मानवीय और विकास सहायता पहुंचाने में बाधा आ रही है। उन्होंने एक दुखद पहलू का भी जिक्र किया कि हूती हिरासत में रहते हुए एक संयुक्त राष्ट्र कर्मचारी की मौत हो चुकी है। इसके बाद यातना और बुरे व्यवहार की रिपोर्टों को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है।

यमन में मानवीय संकट पहले से गहरा है। वहां करीब 1.8 करोड़ लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं, और पांच साल से कम उम्र के 22 लाख बच्चे तीव्र कुपोषण से जूझ रहे हैं। WFP ने चेतावनी दी है कि 8 लाख लोगों तक सहायता पहुंचाने का काम बाधित हुआ है, और अतिरिक्त धन न मिलने पर नवंबर में इसमें और कमी आ सकती है।

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि वह सभी हिरासत में बंद कर्मियों की सुरक्षित और तत्काल रिहाई के लिए कूटनीति के सभी रास्ते अपनाता रहेगा।

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