यमन के अल-मस्रख जिले में हूती ठिकानों पर लड़ाकू विमानों ने किए हमले और टैंकों को किया तबाह

ताइज़ (यमन): यमन के अल-मस्रख जिले में गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को लड़ाकू विमानों ने हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। इस सैन्य कार्रवाई के दौरान अल-मस्रख के रस अल-नजद इलाके में हूती टैंकों और सैन्य वाहनों के एक काफिले को निशाना बनाया गया।
ताइज़ प्रांत में पिछले 72 घंटों से सैन्य गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं। बुधवार, 14 अक्टूबर को हुई झड़पों में यमनी सेना ने दावा किया कि दक्षिण-पश्चिमी ताइज़ प्रांत में 200 से ज्यादा हूती लड़ाके मारे गए या घायल हुए हैं। शहर के दक्षिण में अल-अकरुद और अल-शकाब मोर्चा और पश्चिम में धुबाब मोर्चे पर लड़ाई काफी तेज रही।
इससे पहले 14 अक्टूबर को यमनी लड़ाकू विमानों ने अल-मस्रख और जबल हबशी जिलों में हूती जमावड़े और वाहनों पर छह अलग-अलग हवाई हमले किए थे। इन हमलों में दर्जनों लोग हताहत हुए और एक टैंक के साथ एक सैन्य वाहन पूरी तरह नष्ट हो गया।
सैन्य अभियानों का सिलसिला 13 अक्टूबर से ही शुरू हो गया था, जब अल-धबाब इलाके में पांच और अल-मस्रख में चार हवाई हमले किए गए थे। 14 अक्टूबर को ताइज़ के पूर्व में सोफिटेल हिल के पास भी हवाई हमले किए गए थे।
ये सभी कार्रवाइयां यमनी सशस्त्र बलों के 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' का हिस्सा हैं, जिसकी शुरुआत पिछले हफ्ते हुई थी। इस अभियान का मकसद राजधानी सना सहित हूती मिलिशिया के कब्जे वाले इलाकों को वापस पाना और सरकारी संस्थानों को बहाल करना है। ताइज़ मिलिट्री एक्सिस इन हमलों और मोर्चों पर हो रही झड़पों की जानकारी दे रही है।