ताइज़ संकट पर पोप लियो XIV की अपील का यमन ने किया स्वागत, हूती घेराबंदी खत्म करने की मांग
यमन सरकार ने ताइज़ में हूती मिलिशिया की घेराबंदी खत्म करने के लिए पोप लियो XIV की अपील का समर्थन किया और अंतरराष्ट्रीय मदद मांगी है।

सना (यमन): यमन सरकार ने ताइज़ शहर में बिगड़ती मानवीय स्थिति को लेकर पोप लियो XIV की अपील का स्वागत किया है। यमन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की है कि वह हूती मिलिशिया पर दबाव बनाने के लिए ठोस कदम उठाए ताकि वहां की घेराबंदी खत्म हो सके और आम नागरिकों पर हमले रुकें।
यमन के विदेश और प्रवासी मामलों के मंत्रालय ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की। मंत्रालय ने यमन के लोगों के दुख के प्रति पोप की चिंता और क्षेत्र में शांति की उनकी अपील के लिए आभार जताया। मंत्रालय ने कहा कि यमन ताइज़ पर पोप की अपील का स्वागत करता है और घेराबंदी खत्म करने व नागरिकों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग करता है।
रविवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में मंत्रालय ने बताया कि हूती मिलिशिया द्वारा ताइज़ की घेराबंदी, रिहायशी इलाकों में गोलाबारी और आवाजाही पर पाबंदी से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इससे वहां के लोगों के जीवित रहने के साधन खतरे में पड़ गए हैं। मंत्रालय के मुताबिक, इस मानवीय संकट को दूर करने के लिए घेराबंदी हटाना, नागरिकों पर हमले रोकना, सड़कों को दोबारा खोलना और भोजन, पानी व दवाओं की बिना किसी रुकावट के आपूर्ति सुनिश्चित करना जरूरी है।
मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वह पोप की अपील को आधार बनाकर हूती मिलिशिया पर दबाव डाले। साथ ही नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा, मानवाधिकार उल्लंघन के दस्तावेजीकरण और दोषियों की जवाबदेही तय करने की बात कही। मंत्रालय ने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत नागरिकों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना एक दायित्व है और भोजन या दवा जैसे अधिकारों को राजनीतिक दबाव या ब्लैकमेल का जरिया नहीं बनाया जाना चाहिए।
पोप लियो XIV ने रविवार को X पर पोस्ट करते हुए ताइज़ में भोजन, पानी और चिकित्सा देखभाल की कमी पर गहरी चिंता जताई थी। उन्होंने hostilities (शत्रुता) को समाप्त करने और यमन के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के लोगों के शांति से रहने के अधिकार की भावुक अपील की थी।
दूसरी ओर, यमन नेटवर्क फॉर राइट्स एंड फ्रीडम ने रिपोर्ट दी है कि 1 सितंबर से 22 अक्टूबर के बीच ताइज़ में नागरिकों और नागरिक संपत्तियों के खिलाफ 1,891 अपराध और उल्लंघन हुए हैं। नेटवर्क का आरोप है कि हूती हमलों और जरूरी सामानों पर पाबंदी से जान-माल का नुकसान हुआ है और अस्पतालों जैसी आवश्यक सेवाओं पर दबाव बढ़ा है।
संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) के प्रवक्ता जेन्स लार्क ने बताया कि ताइज़ पिछले 20 दिनों से कटा हुआ है। सड़कों के बंद होने के कारण शहर में ईंधन, भोजन और अन्य जरूरी सामान बहुत कम मात्रा में पहुंच पा रहे हैं।