Yemen Clash: यमन के पश्चिमी तट पर भयंकर झड़ਪ, सैकड़ों हouthi लड़ाके ढेर और घायल.

यमन के पश्चिमी तट पर यमेनी सशस्त्र बलों और हूती विद्रोहियों के बीच चल रही खूनी झड़पें लगातार भयानक रूप लेती जा रही हैं। 2 सितंबर 2026 से शुरू हुई इस हिंसा में अब तक सैकड़ों की संख्या में हूती लड़ाके मारे जा चुके हैं या फिर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सरकारी और आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, यह संघर्ष पिछले कई दिनों से लगातार तेज बना हुआ है जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
ताइज़ और होदेिदाह में भीषण संघर्ष
एक सैन्य सूत्र ने इस बात की पुष्टि की है कि 4 सितंबर 2026 को ताइज़ के पश्चिम में स्थित अल-कादह फ्रंट पर 120 से ज्यादा हूती उग्रवादी मारे गए। मारे जाने वालों में संगठन के खास फील्ड कमांडर मोहम्मद हारित अली मुत्लक अल-अलवी और कामिल खलील नासिर (जिन्हें अबू अली अल-मदानी के नाम से भी जाना जाता है) शामिल हैं। इसके अलावा, सेना ने हेस के पास सुक्म और दब्बास इलाकों से 30 हूती सदस्यों को बंदी भी बनाया है। सरकारी सेना के अनुसार इस दौरान उनके भी जवान हताहत हुए हैं, जबकि स्वतंत्र मीडिया रिपोर्टों और TRT World के आंकड़ों के मुताबिक इस क्षेत्र में कुल लड़ाकों की मौत का आंकड़ा 81 तक पहुंच गया है। वहीं दूसरी तरफ, हूती नियंत्रित इलाकों के मेडिकल सूत्रों ने कम से कम 42 हूती सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है।
मिसाइल और ड्रोन हमलों से मचा हड़कंप
यमेनी आर्मड फोर्सेज मीडिया सेंटर ने जानकारी दी कि हूती लड़ाकों ने 3 सितंबर को ताइज़ और होदेिदाह के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर 14 बैलिस्टिक मिसाइलें और कई ड्रोन दागे थे। सरकारी समर्थन वाली नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेस ने भारी गोलीबारी के बीच हूती सेना की 6 सैन्य इकाइयों को पीछे खदेड़ दिया और होदेिदाह में माउंट दब्बास की तरफ बढ़ रहे विद्रोहियों के हमलों को नाकाम कर दिया। सेना ने दावा किया कि उन्होंने माक़बनाह जिले के दक्षिण में स्थित अल-बारह और अल-कादह के रणनीतिक इलाकों को पूरी तरह से अपने कब्जे में ले लिया है।
नेतृत्व में बदलाव और रणनीतिक मार्ग
यमन मॉनिटर की रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती झड़पों में मारे गए 35 हूती तत्वों और फील्ड कमांडरों की सूची सामने आई है जो मुख्य रूप से सादात और अमरान से ताल्लुक रखते थे। हिंसा में हो रही भारी बढ़ोतरी को देखते हुए हूती चीफ ऑफ स्टाफ युसुफ अल-मदानी ने पश्चिमी तट के सैन्य घटनाक्रम पर सीधी नजर रखने के लिए होदेिदाह प्रांत का रुख किया है और वहीं से सारी गतिविधियों को संभाल रहे हैं। इस ताजा सैन्य अभियान का मुख्य उद्देश्य ताइज़ को मोचा से जोड़ने वाले अहम ट्रांजिट रूटों को सुरक्षित करना है, जिससे इलाके में पहले से चल रहे लंबे संघर्ष विराम समझौते पर एक बार फिर बड़ा संकट मंडराने लगा है।