यमीनी वायुसेना ने मारीब और अल-जौफ में हूती ठिकानों पर किए कड़े हवाई हमले

यमन में चल रहे संघर्ष के बीच एक बड़ी सैन्य कार्रवाई सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, यमीनी वायुसेना ने देश के उत्तरी मारीब और पश्चिमी अल-जौफ क्षेत्रों में हूती विद्रोहियों के ठिकानों और वाहनों को निशाना बनाकर जोरदार हवाई हमले किए हैं। इस सैन्य कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है और सुरक्षा को लेकर तनाव काफी बढ़ गया है.
विभिन्न मोर्चों पर जारी है भीषण संघर्ष
हवाई हमलों के अलावा यमन के कई अन्य इलाकों से भी तीव्र सैन्य गतिविधियों और झड़पों की खबरें सामने आ रही हैं:
- सना में सैन्य ठिकाने: यमीनी सशस्त्र बलों के आधिकारिक प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-निजैली ने सना के पास माउंट नहदैन और अट्टान जैसे सैन्य लक्ष्यों पर अलग से हमलों की पुष्टि की है।
- ताइज में मुठभेड़: सरकारी बलों ने ताइज में भीषण झड़पों का दावा किया है, जहां उन्होंने हूती援ड (reinforcements) के खिलाफ 71 सटीक कार्रवाइयों को अंजाम दिया और जबल हान की रक्षा की।
- ड्रोन मार गिराए: अल-जौफ प्रांत में यमीनी सेना के मीडिया केंद्र ने जानकारी दी कि पूर्वी अल-शाहला मोर्चे पर वायु रक्षा प्रणालियों ने चार हूती ड्रोनों को सफलतापूर्वक मार गिराया।
- सादात में मिसाइल हमला: दूसरी ओर, हूती मीडिया ने उसी दिन सादा में संचार नेटवर्क को निशाना बनाकर किए गए एक मिसाइल हमले की सूचना दी है।
कूटनीतिक हलचल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर
इन सैन्य गतिविधियों से ठीक पहले, सितंबर के आखिरी दिनों में भी मारीब के अल-जुबाह जिले में और हथियारों के गोदामों के पास यमीनी सरकारी बलों द्वारा हवाई हमले किए गए थे। इन ताजा घटनाक्रमों के बीच, अमेरिका में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय कूटनीतिक चर्चाओं की भी खबरें सामने आई हैं, जिनमें यमन में संभावित सैन्य रणनीतियों पर विचार किया जा रहा है। ज़मीनी स्तर पर लगातार बदलती इन परिस्थितियों ने एक बार फिर मध्य पूर्व की सुरक्षा और स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.