Yemen में भड़की हिंसा, अल-बायदा में वायु सेना ने हूती ठिकानों पर की एयरस्ट्राइक.

यमन की वायु सेना ने क्षेत्रीय सुरक्षा तनाव के बीच 20 सितंबर 2026 को अल-बायदा गवर्नरट में हूती ठिकानों और उनके सैन्य उपकरणों पर सटीक हमले किए। इस सैन्य कार्रवाई से पहले हूती मिलिशिया द्वारा सऊदी अरब के नागरिक बुनियादी ढांचे को लगातार निशाना बनाया जा रहा था, जिससे इलाके में तनाव काफी बढ़ गया था। सऊदी अरब की आधिकारिक एजेंसी SPA News के मुताबिक इस बढ़ते खतरे को देखते हुए खाड़ी देशों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है।
यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल की कड़ी निंदा
घटना वाले दिन ही यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल के सदस्यों ने सऊदी अरब पर हो रहे हूती हमलों की औपचारिक निंदा की। इन हमलों की वजह से वहां के नागरिकों के जीवन और एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर को काफी नुकसान पहुंचा है। काउंसिल ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सऊदी अरब के आत्मरक्षा के अधिकार का पूरा समर्थन किया और देश की क्षेत्रीय अखंडता के प्रति प्रतिबद्धता जताई है। इसके साथ ही, लाल सागर और बाब अल-मदब जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों पर हो रहे हमलों की भी कड़ी आलोचना की गई है।
सऊदी अरब में इमरजेंसी अलर्ट और अंतरराष्ट्रीय प्रयास
हूती मिलिशिया द्वारा यमन की राजधानी सना में हुई घटनाओं के दावों के बाद, सऊदी सिविल डिफेंस ने 19 सितंबर 2026 को रियाद, अल-खार्ज और फरासन में आपातकालीन अलर्ट जारी कर दिए थे। यूएन सेक्युरिटी काउंसिल ने यमन में शांति बहाली के लिए यूएन स्पेशल दूत हंस ग्रुंडबर्ग के प्रयासों का समर्थन किया है। अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बिन अहमद अल यामामी ने भी सितंबर के महीने में लगातार सुरक्षा खतरों को लेकर कदम उठाने की मांग की थी, ताकि खाड़ी देशों में रहने वाले आम नागरिकों और प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।