Yemen: यमन सेना का बड़ा आरोप, हूती विद्रोहियों ने Lahj में बिछाए खतरनाक लैंडमाइंस.

यमन में चल रहे संघर्ष के बीच एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां यमन के सशस्त्र बलों ने हूती विद्रोहियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 27 सितंबर 2026 को आधिकारिक तौर पर यह बात सामने आई कि हूती विद्रोहियों ने Lahj गवर्नरट के कई इलाकों में मुख्य रास्तों और घाटियों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित लैंडमाइंस बिछा दिए हैं। इस खतरनाक कदम से आम नागरिकों की जिंदगी पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है और स्थानीय लोगों का आना-जाना भी पूरी तरह से मुश्किल हो गया है।
यमन के सशस्त्र बलों के आधिकारिक प्रवक्ता कर्नल माजिद अब्दुल्ला अल-नाजिली ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि विद्रोहियों की इन हरकतों की वजह से इलाके में मानवीय संकट और ज्यादा बढ़ गया है। कर्नल अल-नाजिली ने साफ शब्दों में यह भी कहा कि यमन के सशस्त्र बलों की तरफ से जितनी भी सैन्य कार्रवाई की जा रही है, वे सभी अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के नियमों के तहत ही हो रही हैं और सेना नियमों का पूरा पालन कर रही है।
हाल ही में हुई सैन्य कार्रवाई और आंकड़े
यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देश में सैन्य गतिविधियां काफी तेज चल रही हैं। पिछले 72 घंटों के दौरान यमन के सशस्त्र बलों ने Lahj समेत कई मोर्चों पर हूती ठिकानों को निशाना बनाकर कुल 756 से 761 सैन्य अभियान चलाए। इन ताबड़तोड़ ऑपरेशंस में 336 से 2,316 हूती लड़ाकों को ढेर किए जाने की खबर सामने आई है। इसके अलावा, Taiz इलाके में कार्रवाई के दौरान 4 ईरानी विशेषज्ञों की भी मौत होने की पुष्टि की गई है।
स्कूल पर हमले और झूठे दावों की सच्चाई
यमन के सैन्य नेतृत्व ने यह भी आरोप लगाया है कि हूती विद्रोही लगातार झूठे दावे फैला रहे हैं और यह अफवाह उड़ा रहे हैं कि सरकारी सेना आम नागरिकों को निशाना बना रही है। सेना ने इन सभी बातों को खारिज करते हुए हूती गुट के एक कायराना हमले का पर्दाफाश किया है। सेना के मुताबिक, 23 सितंबर 2026 को हूती लड़ाकों ने Lahj के अल-मुदैरिबाह और रास अल-आरा जिले में स्थित अम्र बिन अल-आस स्कूल पर हमला कर दिया था। इस क्रूर हमले में 3 बेकसूर नागरिकों की मौत हो गई थी जबकि 4 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।