Yemen Crisis: यमनी सशस्त्र बलों ने 'किलिंग बॉक्स' में शुरू किए हवाई हमले, नागरिकों को रास्ता छोड़ने की चेतावनी.

Aanya11 September 20262 min read46 viewsYemen
Yemen Crisis: यमनी सशस्त्र बलों ने 'किलिंग बॉक्स' में शुरू किए हवाई हमले, नागरिकों को रास्ता छोड़ने की चेतावनी.

यमन में चल रहे संघर्ष के बीच एक बड़ी और गंभीर खबर सामने आई है, जहाँ यमनी सशस्त्र बलों ने अपने पहले से घोषित सैन्य क्षेत्र यानी 'किलिंग बॉक्स' के अंदर बमबारी की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह घोषणा यमनी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता की तरफ से 11 सितंबर 2026 को की गई थी, जिसमें वायु सेना ने सक्रिय रूप से सैन्य अभियानों को आगे बढ़ाया है। इस इलाके में लगातार हो रही सैन्य गतिविधियों के कारण आम लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है, जिसके बाद प्रशासन ने सभी नागरिकों के लिए एक जरूरी फरमान जारी किया है।

ताइज़ और मोचा मार्ग पर जाने से मनाही

प्रशासन की तरफ से साफ निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी नागरिक अगले आदेश तक ताइज़-मोचा रोड और मोचा-धुबाब रोड का इस्तेमाल बिल्कुल न करे। यह फैसला इन रास्तों पर लगातार बढ़ रहे गंभीर खतरों को देखते हुए लिया गया है। आपको बता दें कि इस साल 10 सितंबर 2026 को एक घोषणा की गई थी, जिसमें इन जरूरी सप्लाई रूटों के आसपास के इलाकों को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया गया था। इन इलाकों में हुथी लड़ाकों की गतिविधियों को रोकने के लिए पूरी सैन्य ताकत का इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई थी।

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मौजूदा हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं क्योंकि हाल ही में हुथी ताकतों ने बंदरगाह शहर मोचा, रणनीतिक शहर धुबाब और बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य में स्थित पेरिम द्वीप पर अपना कब्जा जमा लिया है। इन क्षेत्रीय कब्जों को जवाब देने और काउंटर करने के लिए पिछले 24 घंटों के दौरान सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन बलों ने ताइज़, अल-हुदायदा, मारिब और अल-जौफ में कुल 64 हवाई हमले किए हैं। इन लगातार हमलों से पूरे इलाके में डर का माहौल बना हुआ है और स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है।

विस्थापितों की संख्या बढ़कर 46,000 के पार

इस ताजा और भीषण संघर्ष का असर आम जनता की जिंदगी पर बहुत बुरा पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन यानी International Organization for Migration की रिपोर्ट के मुताबिक, जब से पिछले हफ्ते लड़ाई तेज हुई है, तब से कम से कम 46,000 लोग अपना घर-बार छोड़कर जाने को मजबूर हो चुके हैं। हालात इतने खतरनाक हो गए हैं कि इस संगठन को अपनी सभी ऑपरेशनल गतिविधियों को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है। सुरक्षा की स्थिति ठीक न होने के कारण राहत कार्यों में भी भारी बाधा आ रही है।

एक तरफ जहां यमनी सरकारी फौजें देश के जरूरी बुनियादी ढांचे को फिर से अपने कब्जे में लेने के लिए जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ मुख्य आना-जाना बंद होने से क्षेत्र में मानवीय संकट और ज्यादा गहराता जा रहा है। आम लोगों को इस वक्त भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से लगातार यह अपील की जा रही है कि वे पूरी तरह से सुरक्षित स्थानों पर ही रहें और सैन्य क्षेत्रों के पास जाने से बचें।

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