यमन में भीषण संघर्ष: हुथी मिलिशिया के खिलाफ सरकारी सेना की बड़ी जीत

यमन में चल रहे संघर्ष के बीच सरकारी सेना ने एक बड़ी सैन्य सफलता हासिल करने का दावा किया है। यमन की सशस्त्र सेना ने बताया है कि उन्होंने ताइज और लहज प्रांतों में हुथी मिलिशिया द्वारा किए गए बड़े पैमाने के हमलों को नाकाम कर दिया है। इस सैन्य कार्रवाई के कारण हुथी लड़ाकों को भारी नुकसान पहुँचा है और उनके महत्वपूर्ण सैन्य उपकरणों को नष्ट कर दिया गया है।
सैन्य अभियानों में मिली बड़ी सफलता
यमन की सशस्त्र सेना के प्रवक्ता कर्नल माजिद अब्दुल्ला अल-नेज़िली ने पुष्टि की है कि सेना ने पूर्वी मोर्चे, अल-बैदा और अल-मंसूरा मोर्चे पर बेहद सटीक ऑपरेशन चलाए हैं। इन ऑपरेशनों के दौरान हुथी तत्वों, उनके उपकरणों और कमांड केंद्रों को निशाना बनाया गया।
सैन्य कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
- सेना ने कुल 468 सटीक सैन्य ऑपरेशन अंजाम दिए।
- अल-वाजीया में हुथी सेना की तीन आर्टिलरी बैटरी नष्ट कर दी गईं।
- अल-मोखा में एक 'जवावल' मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह किया गया, जिसे ईरानी विशेषज्ञता से जुड़ा बताया जा रहा है।
- ताइज के विभिन्न क्षेत्रों जैसे बनी बकारी और हिमयार में भीषण लड़ाई देखी गई।
- यमन के लड़ाकू विमानों ने अल-अकबूश और हाइफान जैसे इलाकों में हुथी ठिकानों पर छह हवाई हमले किए।
हुथी मिलिशिया की जवाबी कार्रवाई और बुनियादी ढांचे को नुकसान
अपनी हार से बौखलाए हुथी लड़ाकों ने सप्लाई लाइनों को बाधित करने के लिए जवाबी हमला किया है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने ताइज और अदन को जोड़ने वाले एक महत्वपूर्ण सड़क मार्ग के हिस्से और सेलत अल-मकतरा में एक पुल (culvert) को नष्ट कर दिया है। इससे क्षेत्र में रसद पहुँचाना और भी कठिन हो गया है।
बढ़ता मानवीय संकट और विस्थापन
इस सैन्य टकराव ने यमन में मानवीय स्थिति को बेहद गंभीर बना दिया है। अप्रैल 2022 के युद्धविराम के बाद से यह अब तक का सबसे भीषण संघर्ष है।
विस्थापन के आंकड़े:
विस्थापित शिविरों के प्रबंधन वाली कार्यकारी इकाई के अनुसार, अब तक 29,519 परिवार, यानी लगभग 1,97,906 लोग विस्थापित हो चुके हैं। अकेले ताइज प्रांत में 97,000 से अधिक विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं। इसके अलावा, मानवाधिकार मंत्रालय ने सितंबर 2026 के दौरान हुथी मिलिशिया द्वारा भर्ती किए गए कम से कम 100 बाल सैनिकों की मौत का भी दस्तावेजीकरण किया है।
अंतरराष्ट्रीय चिंता और सुरक्षा खतरे
यमन की विदेश मंत्री अफराह अल-ज़ुबा ने चेतावनी दी है कि हुथी मिलिशिया का खतरा लाल सागर से लेकर हॉर्न ऑफ अफ्रीका तक फैल रहा है। उन्होंने हुथी तत्वों और अल-शबाब आंदोलन के बीच ड्रोन प्रशिक्षण और सैन्य विशेषज्ञता को लेकर सहयोग की भी बात कही है।
सरकार ने लाल सागर में नागरिक विमानन के लिए बढ़ते खतरों को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई है। इस बीच, राष्ट्रीय रक्षा परिषद ने आम नागरिकों को हुथी-नियंत्रित क्षेत्रों में सैन्य डिपो और मिसाइल प्लेटफार्मों से दूर रहने की सलाह दी है और जनरल मोबिलाइजेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।