यमन सेना का हुथी मिलिशिया पर भीषण प्रहार, 468 ऑपरेशनों में मचाया कोहराम

यमन में संघर्ष की तीव्रता तेजी से बढ़ती जा रही है। यमन सशस्त्र बलों ने हुथी आतंकवादी मिलिशिया के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान चलाते हुए 468 लक्षित ऑपरेशन (targeting operations) को अंजाम दिया है। इन हमलों के परिणामस्वरूप हुथी मिलिशिया के सैन्य उपकरणों और उनके लड़ाकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
विभिन्न मोर्चों पर सेना का जबरदस्त एक्शन
यमन सशस्त्र बलों के प्रवक्ता माजिद अल-निज़ैली ने पुष्टि की है कि ये हमले कई महत्वपूर्ण मोर्चों पर किए गए थे। इनमें पूर्वी मोर्चा, अल बायदा और अल वज़ियाह में मंसूरा मोर्चा शामिल हैं। इन रणनीतिक हमलों के माध्यम से सेना ने न केवल सैकड़ों हुथी लड़ाकों को ढेर किया, बल्कि उनके कई उन्नत सैन्य हथियारों और वाहनों को भी पूरी तरह नष्ट कर दिया।
सैन्य रिपोर्टों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के भीतर ही 414 ऑपरेशन चलाए गए थे, जो इस क्षेत्र में चल रहे भीषण युद्ध की गंभीरता को दर्शाता है।
ताइज़ में हवाई हमले और बढ़ता खतरा
ताइज़ सैन्य अक्ष के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के प्रमुख, ब्रिगेडियर जनरल अब्दुल हफीज़ अल-जबली ने बताया कि हालांकि सामरिक हवाई हमले जारी हैं, लेकिन वे इस संघर्ष को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए अभी पर्याप्त नहीं हैं। दक्षिणी ताइज़ के हायफान जिले के अल-अरूक में भी सरकार की सेना ने हुथी ठिकानों और वाहनों पर दो विशेष हवाई हमले किए हैं।
सैन्य चेतावनी और नागरिक सुरक्षा:
- सैन्य नेतृत्व ने नागरिकों को हुथी नियंत्रण वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त सलाह दी है।
- हुथी मिलिशिया द्वारा ईरानी निर्मित एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइलों और आधुनिक हथियारों का उपयोग किया जा रहा है।
- हुथी मिलिशिया ने दक्षिणी ताइज़ के अल-तुर्बा के रिहायशी इलाकों में चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं, जिससे भारी संपत्ति का नुकसान हुआ है।
देश में लामबंदी और स्वास्थ्य संकट
हुथी मिलिशिया के बढ़ते हमलों का सामना करने के लिए यमन की संसद ने आधिकारिक तौर पर 'जनरल मोबिलाइजेशन' (सामान्य लामबंदी) के अनुरोध को मंजूरी दे दी है। देश अब युद्ध के एक नए और कठिन चरण की ओर बढ़ रहा है।
दूसरी ओर, युद्ध के इस माहौल में मानवीय संकट भी गहराता जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि विस्थापित आबादी के बीच हैजा (cholera) और खसरा (measles) जैसी बीमारियों का प्रकोप तेजी से फैल रहा है, जो इस संघर्ष के बीच एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन गया है।