यमनी सेना का बड़ा दावा: तािज़ में 1,540 हूती लड़ाके ढेर और घायल

यमन में चल रहे गृहयुद्ध ने एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ ले लिया है। देश के सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले तािज़ गवर्नरेट में यमनी सशस्त्र बलों और हूती मिलिशिया के बीच भीषण संघर्ष की खबरें सामने आ रही हैं। सरकारी सेना ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा दावा किया है कि इस संघर्ष के दौरान कुल 1,540 हूती मिलिशिया सदस्यों को या तो मार गिराया गया है या वे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सैन्य अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई में विद्रोहियों के सैन्य उपकरणों को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया है।
सैन्य कार्रवाई और हवाई हमले
यमनी सशस्त्र बलों की ओर से जारी आधिकारिक बयानों के मुताबिक, सरकारी सैनिकों ने हूती विद्रोहियों के हर उस प्रयास को पूरी ताकत से नाकाम कर दिया जिसके जरिए वे मैदानी इलाकों में कोई बड़ी बढ़त हासिल करना चाहते थे। सैन्य प्रवक्ता माजिद अल-नाजिली ने हालिया ऑपरेशनों की तीव्रता पर रोशनी डालते हुए बताया कि विद्रोही गुटों के ठिकानों, रसद केंद्रों और हथियार भंडारों को निशाना बनाकर कई सटीक हवाई हमले किए गए। इन ऑपरेशनों के दायरे में हमीर, बानी बकारी, समआ, अल-अक्रौथ और अल-सितेन स्ट्रीट जैसे कई प्रमुख इलाके शामिल रहे।
सामरिक बढ़त और जमीनी हालात
सरकारी बलों का दावा है कि इस कड़ी टक्कर के बीच उन्होंने कुछ रणनीतिक इलाकों में अपनी स्थिति को और मजबूत करते हुए क्षेत्रीय बढ़त भी हासिल की है। हालांकि, इस खूनी संघर्ष के बीच मानवीय चिंताएं भी लगातार बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में तािज़ और अदन को आपस में जोड़ने वाले एक अहम पुल को उड़ाए जाने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद से आम नागरिकों की आवाजाही पर गहरा असर पड़ा है और संकट और अधिक गहरा गया है।
बढ़ती अंतरराष्ट्रीय चिंता
तािज़ और आसपास के क्षेत्रों में लगातार भड़कती हिंसा को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नींद उड़ गई है। संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हैंस ग्रुंडबर्ग ने इस ताजा सैन्य escalation पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हुए आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मानवीय सहायता के निर्बाध मार्ग को बनाए रखने पर जोर दिया है। यमन का यह संघर्ष आने वाले दिनों में क्या मोड़ लेगा, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।