यमन के ताइज़ में बड़ा सैन्य संघर्ष, सेना ने हूती विद्रोहियों से छीनी सामरिक पहाड़ी और कई ठिकाने

यमीनी सशस्त्र बलों ने 4 सितंबर 2026 को ताइज़ गवर्नरशिप के पश्चिम में स्थित जबल हबाशी जिले में एक बड़ी सामरिक सफलता हासिल की है। सेना ने भीषण झड़पों के बाद हूती विद्रोहियों के कब्जे से महत्वपूर्ण अल-खजान पहाड़ी को सफलतापूर्वक वापस अपने नियंत्रण में ले लिया है। इस सैन्य कार्रवाई के दौरान ईरान समर्थित हूती मिलिशिया को भारी नुकसान उठाना पड़ा है और आम जनजीवन को सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा बलों ने अपनी चौकसी बढ़ा दी है।
तािज़ और पश्चिमी मोर्चों पर तेज हुई सैन्य गतिविधियां
अल-खजान पहाड़ी पर दोबारा कब्जा करने के बाद, मकबनह और अल-कदाहा मोर्चों पर भी सैन्य टकराव काफी तेज हो गया है। एक सैन्य सूत्र ने पुष्टि की कि सरकारी सेना के जवान इन इलाकों में हूती मिलिशिया के साथ भारी लड़ाई लड़ रहे हैं। पश्चिमी मोर्चों पर मिलिशिया के हमलों को नाकाम करने और उनकी गतिविधियों को रोकने के लिए यमीनी सशस्त्र बलों के पास अतिरिक्त सैन्य सुदृढ़ीकरण पहुंच चुका है। सरकारी मीडिया और स्थानीय सैन्य सूत्रों के अनुसार, विद्रोहियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई जारी है और सेना हर मोर्चे पर डटी हुई है।
सरकारी और आधिकारिक बयान
यमीनी आधिकारिक टेलीविजन ने ताइज़ और पश्चिमी तट के मोर्चों पर जायंट्स ब्रिगेड्स यानी अल-अमालिकाह और नेशन शैन यानी दिरा अल-वतन के बलों के पहुंचने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री शया मोहसिन अल-जिंदानी ने ताइज़ और हुदैदाह में स्थानीय अधिकारियों और सुरक्षा बलों को पूर्ण सरकारी समर्थन देने की बात कही है। इसके अलावा, ताइज़ मिलिशिया एक्सिस में नैतिक मार्गदर्शन के उप प्रमुख कर्नल अब्दुलबासित अल-बहर ने बताया कि सेना के जवान पश्चिमी मोर्चों पर बेहद गंभीर और निर्णायक लड़ाइयां लड़ रहे हैं।
हताहतों की संख्या और सैन्य कार्रवाई
सरकारी सेना और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गुरुवार की सुबह से ताइज़ के पश्चिमी मोर्चों पर हुई भयंकर झड़पों में लगभग 50 हूती सदस्य मारे गए और कई अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया है। कर्नल अब्दुलबासित अल-बहर ने जानकारी दी कि गुरुवार शाम तक चले संघर्ष में 19 हूती सदस्य मारे गए, 40 घायल हुए और पांच को पकड़ लिया गया। इस दौरान विद्रोहियों के कई सैन्य वाहनों को भी पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा, सरकारी बलों ने जबल हबाशी के उप-जिलों के ऊपर तीन हूती ड्रोनों को मार गिराया, जबकि मकबनह मोर्च पर एक हूती ड्रोन को गिराकर एक सैन्य वाहन को भी बेकार कर दिया गया।
दूसरी ओर, हूती बलों ने ताइज़ और हुदैदाह प्रांतों के कई इलाकों को निशाना बनाते हुए 14 बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन हमले किए। मोखा के पूर्व और उत्तर तथा हुदैदाह के खोखाह जिले की तरफ 12 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। नेशनल रेजिस्टेंस के सैन्य मीडिया कार्यालय ने बताया कि मोखा के ग्रामीण इलाकों की तरफ आठ बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, जबकि नौवीं मिसाइल खोखाह जिले के दक्षिण में गिरी और इसके तुरंत बाद तीन और मिसाइलें लॉन्च की गईं। अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय चिकित्सा स्रोतों के अनुसार, इस पूरे संघर्ष में दोनों पक्षों के दर्जनों लड़ाके हताहत हुए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।