Yemen Conflict: मारिब में हूती जैमिंग सिस्टम पर यमनी सेना का बड़ा हमला, भीषण संघर्ष में 60 से ज्यादा लोगों की मौत।

यमन में चल रहे संघर्ष के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ य Yemeni Armed Forces ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि उन्होंने 5 सितंबर 2026 को मारिब के अल-माशजाह मोर्चे पर हूती मिलिशिया द्वारा संचालित एक जैमिंग सिस्टम को सफलतापूर्वक गोलाबारी कर नष्ट कर दिया। यह सैन्य कार्रवाई उसी तारीख को यमन के कई मोर्चों पर चल रहे व्यापक सैन्य टकराव का एक अहम हिस्सा रही है। आम लोगों और पाठकों के लिए यह जानना जरूरी है कि इस तरह के हमलों से पूरे क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
सरकारी सैन्य अभियान और रणनीतिक ठिकाने
उसी दिन यानी 5 सितंबर को सरकारी बलों ने एक साथ कई सैन्य अभियान चलाए जिनका मुख्य निशाना हूती समूहों के इकट्ठा होने की जगहों, मिसाइल लॉन्च प्लेटफार्म और रणनीतिक सैन्य गतिविधियों को रोकना था। मारिब शहर के पश्चिम में स्थित अल-जोर गांव में असामान्य गतिविधियों और मिलिशिया के जमावड़े को निशाना बनाया गया। इसके अलावा अल-जुबाह जिले में एक सैन्य बैरक और मिसाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म पर भी सटीक हमले किए गए। तोपखाना इकाइयों ने अल-कसारह में हूती ठिकानों पर लगातार गोले दागे, जिससे उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ा।
हिंसा में जान गंवाने वालों का बड़ा आंकड़ा
इस नए सिरे से भड़की हिंसा में मानवीय कीमत बहुत ज्यादा चुकानी पड़ रही है। रिपोर्टों से पुष्टि हुई है कि देश भर में हुई झड़पों में नागरिकों समेत 60 से अधिक लोग मारे गए हैं। तािज़ गवर्नरेट में मक़बानह, जबल हबाशी और अल-बरह मोर्चों पर हुई भयंकर लड़ाई में 26 सरकारी सैनिक और 31 हूती लड़ाके मारे गए। इसके अलावा य Yemeni Navy ने दो हूती विस्फोटक नौकाओं को नष्ट करने की भी जानकारी दी, जो अल-फैजरा और अल-मोखा बंदरगाह को निशाना बनाने की कोशिश कर रही थीं। होदेइदाह में यमनी सशस्त्र बलों ने अल-जराही दक्षिण मोर्चे पर एक जवाबी हमला भी बोला।
विस्थापन का संकट और संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, घनी आबादी वाले इलाकों और विस्थापन शिविरों पर हूती मिलिशिया द्वारा लगातार तेज की गई गोलाबारी के कारण दो दिन की अवधि में लगभग 1,790 यमनी परिवारों को बड़े पैमाने पर विस्थापन का सामना करना पड़ा है। लोग अपना घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हो गए हैं, जिससे मानवीय संकट और अधिक गंभीर रूप लेता जा रहा है।
शीर्ष नेतृत्व की चेतावनी और आह्वान
य Yemeni Armed Forces के सुप्रीम कमांडर डॉ. रशाद मोहम्मद अल-अलिमी प्रेसिडेंटल लीडरशिप काउंसिल के साथ मिलकर स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। डॉ. अल-अलिमी ने एक कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि बाब अल-मदब जलडमरूमध्य की तरफ हूती घुसपैठ का कड़ा जवाब दिया जाएगा और उन्होंने नागरिकों को अपनी सैन्य महत्वाकांक्षाओं के लिए 'ईंधन' के रूप में इस्तेमाल करके मानवीय संकट पैदा करने के लिए इस समूह को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है। इस बढ़ती अशांति के जवाब में उन्होंने राष्ट्रीय प्रयास का समर्थन करने के लिए सभी राजनीतिक, सामाजिक और मीडिया ताकतों को एकजुट होने का आह्वान किया है।