Yemen: मारिब में यमनी सेना ने हूती विद्रोहियों पर बोला हमला, 12 लड़ाकू ढेर और कई गाड़ियां तबाह।

यमन (Yemen) के मारिब प्रांत में 20 सितंबर 2026 को यमनी सशस्त्र बलों ने हूती मिलिशिया के ठिकानों पर जोरदार सैन्य कार्रवाई की है। इस बड़ी कार्रवाई में हूती गुट के कई लड़ाके मारे गए और दर्जनों लोग घायल हुए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। सरकारी फौज लगातार देश के इस ऊर्जा-समृद्ध क्षेत्र में हूती विद्रोहियों की घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करने में जुटी हुई है। आम जनता और स्थानीय लोगों के बीच इस बढ़ते संघर्ष को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है, क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों में हिंसा के कारण हजारों आम नागरिकों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा है।
मारिब के दक्षिणी मोर्चे पर हुई भीषण झड़प
सैन्य अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, 20 सितंबर 2026 को मारिब के दक्षिण में स्थित अल-फलीहा (Al-Faliha) इलाके में हूती आतंकवादियों ने घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश की थी। यमनी सेना ने इस नापाक हरकत को तुरंत भांपते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसमें 12 हूती लड़ाके मौके पर ही मारे गए। सेना के भारी हमलों के आगे टिक न पाने की वजह से बाकी बचे हुए विद्रोही वहां से दुम दबाकर भागने को मजबूर हो गए। इसके साथ ही, पश्चिमी और दक्षिणी दोनों मोर्चों पर लगातार हो रहे हमलों को नाकाम करते हुए सरकारी बलों ने हूती गुट के 15 सैन्य वाहनों को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया और उनके दर्जनों साथियों को गंभीर रूप से घायल कर दिया।
सऊदी गठबंधन की मदद से हुई हवाई स्ट्राइक
इस रक्षात्मक और आक्रामक रणनीति को और मजबूत करने के लिए सऊदी के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन (Saudi-led military coalition) के लड़ाकू विमानों ने भी इस ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई है। गठबंधन के विमानों ने उम्म रिश (Umm Rish), अल-जुबा जिले में स्थित पूर्व 26वीं ब्रिगेड के शिविरों और हरीब के अकाबा मलाला जैसे संवेदनशील ठिकानों पर हूती reinforcements को निशाना बनाकर जबरदस्त बमबारी की। इसके अगले ही दिन यानी 19 सितंबर 2026 को सरकारी सैनिकों ने शहर के पश्चिम में स्थित अल-माशजाह (Al-Mashjah) मोर्चे की तरफ आगे बढ़ते हुए अपनी स्थिति मजबूत की। इसके अलावा, सेना ने तोपखाने (artillery fire) का इस्तेमाल करके वादी धना और अल-बलक इलाकों में हूती विद्रोहियों की हरकतों को पूरी तरह से शांत कर दिया।
सरकारी सेना ने बदली अपनी रणनीति
यमन के रक्षा मंत्री के सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अल-कुमैम (Brigadier General Mohammed Al-Kumaim) ने मीडिया को बताया कि अब यमनी सेना ने सिर्फ बचाव करने के बजाय सीधे तौर पर काउंटरऑफेंसिव यानी जवाबी हमला करने का रास्ता चुन लिया है। इस नई रणनीति से सेना को मैदान में बहुत बड़ी सामरिक सफलता मिल रही है। उधर, यमनी सशस्त्र बल मीडिया केंद्र ने भी इस बात की पुष्टि की है कि हूती मिलिशिया इस पूरे इलाके पर कब्जा करने के लिए लगातार नए लड़ाकों को जुटा रही है, लेकिन सरकारी फौजें अपनी चौकसी के साथ हर मोर्चे पर डटी हुई हैं। मारिब में चल रहे इस खूनी संघर्ष की वजह से सितंबर महीने के दौरान लगभग 147,000 यमनी नागरिकों को विस्थापित होना पड़ा है और वे बेघर हो गए हैं।