Yemen में बड़ा मिलिट्री एक्शन, हूती ठिकानों पर ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक, कई गाड़ियां और हथियार तबाह.

यमन में चल रहे तनाव के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ 12 सितंबर 2026 को यमन की सेना ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान देश के अलग-अलग इलाकों में हवाई हमले किए गए जिसमें हूती मिलिशिया के ठिकानों और हथियारों को निशाना बनाया गया। सेना की ओर से यह कदम हाल ही में हूती गुट द्वारा की गई गतिविधियों के जवाब में उठाया गया है ताकि देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखा जा सके और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अल-धबाब और मोचा शहर में ताबड़तोड़ हमले
सेना की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 12 सितंबर को अल-धबाब फ्रंट के पास Al-Tabat Al-Sawda और Jabal Al-Mun'im इलाकों में तीन हवाई हमले किए गए। इन हमलों में हूती विद्रोहियों के ठिकानों और बैरकों को पूरी तरह से तबाह कर दिया गया। इसी समय मोचा शहर के आसपास और मोचा-धबाब रोड के इलाकों में भी हवाई कार्रवाई को अंजाम दिया गया। यमन की सेना के प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नाइली ने इस बात की पुष्टि की है कि इन एयर ऑपरेशंस में हूती विद्रोहियों के वाहनों के काफिले और मोचा बंदरगाह के पास रखे गए हथियारों के बड़े जखीरे को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया।
सड़कें बंद करने का निर्देश और सुरक्षा चेतावनी
बढ़ते संघर्ष और लगातार हो रही गोलाबारी को देखते हुए सेना ने आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक जरूरी निर्देश जारी किया है। सेना ने लोगों से अपील की है कि वे अगले आदेश तक Taiz-Mocha और Mocha-Dhubab सड़क का इस्तेमाल करने से बचें और इन रास्तों पर जाने से पूरी तरह परहेज करें ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। यमन के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में भी सेना ने हूती विद्रोहियों के बड़े हमलों को नाकाम कर दिया है, जिसमें मारिब प्रांत के अल-माशजाह, अल-ज़ौर और ला'इर्फ फ्रंट शामिल हैं।
सरकार का सख्त रुख और आपातकालीन बैठक
इस पूरे घटनाक्रम और बढ़ते तनाव के बीच यमन की सरकार ने देश की सुरक्षा पर उच्च स्तर पर चर्चा की। यमन के प्रधानमंत्री शयीआ अल-ज़ंदानी ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार देश की प्रशासनिक व्यवस्था को चलाने और नागरिकों की रक्षा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा सैन्य अस्थिरता के कारण देश में किसी भी तरह का सत्ता का खालीपन नहीं आने दिया जाएगा। इसी उद्देश्य के साथ 12 सितंबर को यमन सरकार ने एक आधिकारिक बैठक बुलाई, जिसमें हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य प्रतिक्रिया को और अधिक मजबूत बनाने के लिए कई नए निर्देश जारी किए गए।