यमन में बड़ा सैन्य अभियान शुरू, मोचा और ताज़ शहरों में हूती विद्रोहियों पर सेना का कड़ा हमला.

यमन की सशस्त्र सेना ने 24 सितंबर 2026 को एक बड़ा सैन्य कदम उठाते हुए मोचा और ताज़ शहरों में हूती आतंकवादी मिलिशिया के ठिकानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। इस बात की आधिकारिक पुष्टि यमन के सैन्य प्रवक्ता ने दी है, जो देश में चल रहे तनाव को कम करने और सुरक्षा बहाल करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
ऑपरेशन किलिंग बॉक्स का ऐलान
यमन की सेना द्वारा शुरू किए गए इस नए सैन्य अभियान का नाम 'ऑपरेशन किलिंग बॉक्स' रखा गया है। इसके तहत मोचा से लेकर धुबाब तक के इलाके को एक विशेष सैन्य क्षेत्र घोषित किया गया है, जिसमें ताज़-मोचा रोड का हिस्सा भी शामिल है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आम नागरिकों को इस रास्ते पर यात्रा न करने की कड़ी चेतावनी जारी की गई थी, ताकि किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान से बचा जा सके।
सेना की ओर से जारी आधिकारिक बयानों में कहा गया है कि इन हमलों का मुख्य उद्देश्य हूती मिलिशिया की गतिविधियों और उनके ठिकानों को नेस्तनाबूद करना है। सेना का मकसद हूती लड़ाकों की उस ताकत को कमजोर करना है जिसके जरिए वे आम नागरिकों और सरकारी बलों पर लगातार हमले कर रहे थे। इस पूरी कार्रवाई से जुड़े वीडियो और अहम जानकारियां यमन के सशस्त्र बलों के आधिकारिक मीडिया सेंटर द्वारा साझा की गई हैं।
क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा है तनाव
यमन के इस क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इससे पहले 23 सितंबर 2026 को सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार, ताज़ शहर में हुई झड़पों और यमन की वायु सेना के हमलों में सात हूती मिलिशिया सदस्य मारे गए थे। यमन की वायु सेना ने हूती विद्रोहियों के जमावड़े वाले इलाकों पर कुल चार हवाई हमले किए थे, जिससे उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ा था।
विशेषज्ञ इब्राहिम जलाल के अनुसार, जब से 'ऑपरेशन किलिंग बॉक्स' की शुरुआत हुई है, तब से हूती गुट को भारी क्षति उठानी पड़ी है। इस अभियान के तहत लगभग 2,000 हूती लड़ाके हताहत हुए हैं, जिनमें उनका एक प्रमुख नेता भी शामिल है। इसके अलावा उनके दर्जनों वाहन और स्थायी ठिकाने भी पूरी तरह से नष्ट कर दिए गए हैं।
यह पूरा सैन्य अभियान मुख्य रूप से हूती ताकतों को पूरी तरह कमजोर करने और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य के आसपास उन्हें अपनी स्थिति मजबूत करने से रोकने के लिए चलाया जा रहा है। सितंबर के शुरुआती हफ्तों में हूती बलों ने पश्चिमी तट की ओर आगे बढ़ते हुए मोचा और कई लाल सागर के द्वीपों पर अपना कब्जा जमा लिया था। हूती विद्रोहियों की इन हरकतों के कारण अंतरराष्ट्रीय समुद्री नौवहन की सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई थीं, जिसके बाद यमन की सेना ने यह सख्त कदम उठाया है।