सऊदी अरब पर बड़ा हमला, रियाद और यानबु में अरामको फैसिलिटी को बनाया गया निशाना.

Praggya Singh sabal19 September 20262 min read34 viewsSaudi
सऊदी अरब पर बड़ा हमला, रियाद और यानबु में अरामको फैसिलिटी को बनाया गया निशाना.

यमेनी आर्म्ड फोर्सेस के प्रवक्ता यह्या सारी ने 19 सितंबर 2026 को एक बड़ा ऐलान किया, जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी सेना ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद और यानबु में स्थित अरामको की तेल सुविधाओं पर दो बड़े सैन्य ऑपरेशन किए हैं। इन हमलों में भारी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। प्रवक्ता ने इसे हाल ही में सना को निशाना बनाने वाले सऊदी हमलों का जवाब बताया और साफ शब्दों में कहा कि अब 'घेराबंदी के बदले घेराबंदी' और 'तनाव के बदले तनाव' की नीति अपनाई जाएगी।

रियाद में धमाकों की आवाज और आसमान में काला धुआं

हमले के बाद रियाद में रहने वाले लोगों ने रात के समय तेज धमाकों की आवाज सुनी और किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास आसमान में काले धुएं का बड़ा गुबार देखा गया। स्थानीय लोगों के अनुसार यह धुआं अरामको के एक फ्यूल स्टोरेज यानी ईंधन भंडार के पास से उठ रहा था। इन घटनाओं के बाद सऊदी सिविल डिफेंस अथॉरिटी ने तुरंत रियाद और अल-खार्ज के लिए एरियल खतरे की चेतावनी जारी की, जिसे बाद में हटा लिया गया। हालांकि सऊदी अधिकारियों या अरामको की तरफ से इस नुकसान या हताहतों के बारे में कोई आधिकारिक बयान अभी तक सामने नहीं आया है।

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साल 2022 के संघर्ष विराम के बाद बढ़ा तनाव

यह पूरा सैन्य हमला साल 2022 में हुए संघर्ष विराम के टूटने के बाद से चल रहे भारी तनाव का ही एक हिस्सा है। हूती रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में सऊदी नीत गठबंधन द्वारा उनके नियंत्रण वाले इलाकों में 26 एयरस्ट्राइक की गई थीं, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई। इन सभी घटनाओं की वजह से पिछले एक हफ्ते में कुल 300 हमले हो चुके हैं। इसके साथ ही दक्षिण यमन में भी लड़ाई बहुत ज्यादा बढ़ गई है, जहां हालिया झड़पों में 48 लोगों की जान चली गई है। मरने वालों में 17 यमनी सैनिक और 31 हूती लड़ाके शामिल हैं, जबकि हजारों आम नागरिक अपनी जान बचाकर जिबूती भागने को मजबूर हुए हैं।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने जताई चिंता

इस बीच, शुक्रवार 18 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हूतियों की तरफ से लगातार बढ़ाए जा रहे सैन्य तनाव की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा परिषद ने चेतावनी दी है कि इस तरह के कदमों से समुद्री सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पूरे क्षेत्र की शांति को बड़ा खतरा पैदा हो रहा है। इसके अलावा परिषद ने सभी सदस्य देशों से अपील की है कि वे हूतियों को हथियार मिलने से रोकने के लिए मिलकर व्यावहारिक कदम उठाएं। इस स्थिति के चलते खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और वहां की यात्रा करने वाले लोगों के बीच भी चिंता का माहौल बन गया है, क्योंकि सुरक्षा हालातों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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