यमन में हूती विद्रोहियों पर सेना का बड़ा हमला, ताइज़ में संघर्ष के दौरान कई कमांडर ढेर.

यमीनी सेना ने पश्चिमी Taiz गवर्नरट के अल-तुवैयर इलाके के पास हूती मिलिशिया के ठिकानों पर एक बड़ा जवाबी हमला शुरू किया है। यह सैन्य कार्रवाई 4 सितंबर 2026 को सामने आई रिपोर्टों के आधार पर की गई, जो पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र की सबसे भीषण और खूनी झड़पों में से एक है। इस लड़ाई की शुरुआत गुरुवार, 3 सितंबर 2026 के शुरुआती घंटों में हुई थी, जब हूती विद्रोहियों ने ताइज़ शहर को मोचा से जोड़ने वाली मुख्य सड़क और रणनीतिक ठिकानों पर कब्जा करने के लिए बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन हमलों का इस्तेमाल किया था। आम जनता और स्थानीय लोगों के लिए यह स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि इस तरह के हमलों से पूरे इलाके में जनजीवन प्रभावित होता है।
राष्ट्रीय सेना और सहयोगियों का संयुक्त अभियान
हूती विद्रोहियों के इस बड़े हमले का जवाब देने के लिए यमीनी सेना ने नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेस, जायंट्स ब्रिगेड्स और नेशंस शील्ड फोर्सेस के साथ मिलकर पूरी ताकत से मोर्चा संभाला। इस सैन्य अभियान का मुख्य केंद्र Maqbanah जिले के अल-तुवैयर, अल-अहबूब, अल-कधा और जबल घबारी जैसे संवेदनशील इलाके रहे। यमीनी सेना के मीडिया सेंटर ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि इन झड़पों के दौरान लगभग 50 हूती लड़ाके मारे गए या घायल हुए हैं, जबकि कई अन्य लड़ाकों को बंधक भी बनाया गया है। सैन्य सूत्रों के अनुसार, कम से कम 18 हूती लड़ाकों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया गया और तीन बड़े हूती फील्ड कमांडरों की भी मौत की पुष्टि हुई है।
मारे गए प्रमुख हूती कमांडर और नुकसान
इस संघर्ष में मारे गए हूती फील्ड कमांडरों में सैफ हादी अल-मौफारी, मोहम्मद हारिथ अली मुतलाक अल-अलावी (जिन्हें 'अबू जिहाद अलावी' भी कहा जाता है) और कामिल खलील नासिर अल-वजीर (जिन्हें 'अबू अली अल-मदानी' के नाम से जाना जाता है) शामिल हैं। आधिकारिक सैन्य रिपोर्टों के अनुसार, ताइज़ मिलिट्री एक्सिस फोर्सेस के 15 जवानों की जान चली गई, जबकि रेड सी कोस्ट के पास सरकारी सुरक्षा बलों के अन्य 24 जवान भी शहीद हो गए। इब्बी और ताइज़ गवर्नरट के विभिन्न मेडिकल सूत्रों ने झड़पों के बाद कुल 42 हूती शवों को प्राप्त करने की बात कही है।
ड्रोन और मिसाइल हमलों को किया गया नाकाम
इस सामरिक संघर्ष के दौरान यमीनी सुरक्षा बलों ने अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए हूती मिलिशिया के तीन ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया। विद्रोही मिलिशिया ने ताइज़ और होदेइदाह जिलों को निशाना बनाते हुए लगभग 14 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। यह ताजा सैन्य तनाव यमीनी सरकार द्वारा उन चेतावनियों के बाद सामने आया है जिसमें बाब अल-मंदाब तट पर नियंत्रण हासिल करने के हूती प्रयासों का जिक्र किया गया था। इस प्रकार की घटनाओं से क्षेत्र में सुरक्षा के हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।