अल-जौफ में यमन सेना के हमलों के बीच हूती मिलिशिया के कई सदस्यों ने डाले हथियार
यमन सशस्त्र बलों ने अल-जौफ के पूर्वी जिलों में सैन्य अभियान के दौरान कई हूती लड़ाकों के आत्मसमर्पण और उनके ठिकानों के विनाश की घोषणा की है।

अल-जौफ (यमन): यमन सशस्त्र बलों ने एक बड़ी कामयाबी का दावा करते हुए बताया है कि अल-जौफ गवर्नरेट के पूर्वी जिलों में सैन्य अभियान के दौरान हूती मिलिशिया के कई सदस्यों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। यह घटना तब हुई जब सरकारी बलों ने हूतियों के मजबूत किलों और ठिकानों पर जोरदार हमले किए।
यमन सशस्त्र बलों के मीडिया सेंटर ने 3 नवंबर, 2026 को इस जानकारी की पुष्टि की। यह पूरी कार्रवाई 'डॉन ऑफ यमन' सैन्य अभियान का हिस्सा है, जिसका मकसद राज्य के संस्थानों को वापस पाना और मिलिशिया के कब्जे वाले इलाकों में आगे बढ़ना है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकारी सेना युद्धक विमानों और ड्रोन हमलों की मदद से अल-हज़्म (अल-जौफ की प्रांतीय राजधानी) के पूर्व में स्थित अल-दहिदाह पहाड़ों के पास हूती ठिकानों पर लगातार दबाव बनाए हुए है।
पिछले 24 से 48 घंटों के घटनाक्रम में यमन सशस्त्र बलों ने मुक्त कराए गए स्थलों की सफाई की है। इस दौरान मिलिशिया द्वारा बनाए गए खंदकों और सुरक्षा किलों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
इन मुठभेड़ों के दौरान सरकारी बलों के हाथ हथियारों और गोला-बारूद का बड़ा जखीरा लगा है। सीधी भिड़ंत और हवाई बमबारी में हूती मिलिशिया को भारी जन और भौतिक नुकसान उठाना पड़ा है, जिसमें उनके कई लड़ाकू वाहन तबाह हो गए हैं।