यमन में बड़ा सैन्य बदलाव, सरकारी सेना ने अल-यातमा क्षेत्र को कराया आज़ाद.

यमन की सरकारी सेना ने 8 सितंबर 2026 को आधिकारिक तौर पर अल-जौफ गवर्नरटी के अल-यातमा (Al-Yatmah) क्षेत्र को स्वतंत्र कराने की घोषणा कर दी है। सरकारी बलों के सैन्य प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नाजिली ने रणनीतिक ठिकानों पर कब्जे की पुष्टि की है और बताया कि अल-जौफ में दर्जनों हूती लड़ाकों ने सरकारी सेना के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। सरकार समर्थक ताकतें अब अल-लाबनात कैंप की तरफ आगे बढ़ रही हैं। राष्ट्रपति रशद अल-अलीमी ने सैन्य बलों की इस कामयाबी की सराहना की है ताकि देश में तख्तापलट को खत्म किया जा सके। रक्षा मंत्रालय के उप-मंत्री मेजर जनरल समीर अल-सबरी ने कहा है कि राजधानी सना को मुक्त करने का फैसला पूरी तरह तय हो चुका है।
मारिब में नागरिकों पर हमला और बच्चों की मौत
एक तरफ जहां सैन्य मोर्चे पर सरकार को सफलता मिल रही है, वहीं दूसरी तरफ आम नागरिकों पर हिंसा का दौर लगातार जारी है। उत्तरी मारिब प्रांत के राघवान जिले में विस्थापित लोगों के एक शिविर पर हूती गोलाबारी की गई जिसमें दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। विस्थापित शिविरों के प्रबंधन की कार्यकारी यूनिट और स्थानीय अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि इस हमले में 15 अन्य लोग भी घायल हुए हैं जिनमें 8 बच्चे शामिल हैं। इस क्रूर हमले में कुल 16 आश्रय स्थल और 3 गाड़ियां पूरी तरह तबाह हो गईं जिसके बाद 23 परिवारों को मजबूरन वहां से भागना पड़ा। मौजूदा समय में मारिब में 22 लाख से ज्यादा विस्थापित लोग रह रहे हैं.
हूती सेना का सऊदी अरब पर हवाई हमलों का दावा
इन तमाम घटनाओं के बीच हूती सैन्य प्रवक्ता यह्या सारी ने दावा किया है कि पिछले तीन दिनों में सऊदी अरब ने कई प्रांतों में 121 हवाई हमले किए हैं। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि अल-जौफ के अल-हाज़्म स्थित सेंट्रल जेल पर हुए एक हवाई हमले में कम से कम सात लोगों की जान चली गई, हालांकि कैजुअल्टी के आंकड़े को लेकर अभी भी मतभेद बने हुए हैं। इसके जवाब में हूती आंदोलन ने दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब के आभा, नाहर और जाज़ान स्थित सऊदी अरामको की सुविधाओं के साथ-साथ खमीस मुशैत एयर बेस को भी मिसाइल और ड्रोन हमलों से निशाना बनाया है। सऊदी अधिकारियों ने बताया कि इन जवाबी हमलों में 73 नागरिक घायल हुए हैं और ऊर्जा बुनियादी ढांचे में आग लग गई है। सऊदी नीत गठबंधन ने इसे बेहद खतरनाक escalation करार दिया है। बढ़ते तनाव को देखते हुए यमनी सशस्त्र बलों ने नागरिकों को मारिब और अल-जौफ के कुछ खास रास्तों से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी है क्योंकि वहां लगातार हवाई और जमीनी सैन्य कार्रवाई जारी है।