यमीनी सेना का बड़ा प्रहार, 24 घंटे में 1,500 से अधिक हूती विद्रोही ढेर

यमन में चल रहे संघर्ष ने एक बार फिर विकराल रूप ले लिया है। देश की आधिकारिक सेना ने हाल ही में एक बड़े सैन्य अभियान के तहत हूती विद्रोहियों पर जबरदस्त कहर बरपाया है। इस कार्रवाई के दौरान एक दिन के भीतर ही 1,500 से अधिक हूती लड़ाकों के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि की गई है। इस सैन्य कार्रवाई ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है और यह 2022 के समझौते के बाद से सबसे बड़ी सैन्य झड़पों में से एक है।
विभिन्न मोर्चों पर चलाए गए ताबड़तोड़ अभियान
सैन्य प्रवक्ता माजिद अब्दुल्ला अल-नाजिली के अनुसार, यमीनी सेना ने विभिन्न मोर्चों पर कुल 474 सैन्य अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इन ऑपरेशनों में लड़ाकू विमानों, ड्रोनों, तोपखाने और मिसाइलों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। सेना के इन सटीक हमलों का मुख्य निशाना हूती ठिकानों, उनके रसद मार्गों, कमान केंद्रों और सैन्य साजो-सामान को तबाह करना था। खासकर तािज़ के मोर्चों पर विशेष रणनीतिक फोकस रखा गया था, जहां विद्रोही अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे थे।
भारी सैन्य नुकसान और वाहनों का विध्वंस
- कार्रवाई के दौरान कुल 1,540 हूती लड़ाके हताहत (मृत और घायल) हुए हैं।
- सेना ने हूती विद्रोहियों के 216 से अधिक सैन्य वाहनों और अन्य साजो-सामान को पूरी तरह नष्ट कर दिया है।
- इस सख्त कार्रवाई से तािज़ क्षेत्र में हूती विद्रोहियों के आगे बढ़ने के कदमों पर पूरी तरह रोक लग गई है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और मानवीय संकट पर असर
सेना ने स्पष्ट किया है कि यह तमाम सैन्य कार्रवाई नागरिकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करते हुए क्षेत्र में शांति बहाल करने के उद्देश्य से की जा रही है। हालांकि, जुलाई में शुरू हुई शत्रुता में इस हालिया तेजी के कारण हालात काफी गंभीर हो गए हैं। विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने चिंता जताई है कि इस नए संघर्ष की वजह से लगभग 1,50000 लोग विस्थापित हो चुके हैं और क्षेत्र में भुखमरी की समस्या और अधिक विकट होती जा रही है।