यमन सेना ने मारीब के दक्षिणी इलाके में हूती ठिकानों पर जोरदार हमले किए और सैकड़ों लड़ाकों को ढेर कर दिया

मारीब (यमन): यमन की सेना ने मारीब के दक्षिणी क्षेत्र में हूती विद्रोहियों के ठिकानों और उनके जमावड़ों पर सटीक सैन्य हमले किए हैं। यह कार्रवाई प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल (PLC) द्वारा शुरू किए गए 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' का हिस्सा है, जिसका मकसद सरकारी संस्थानों पर दोबारा नियंत्रण पाना है।
यमन सशस्त्र बलों के प्रवक्ता कर्नल मेजर माजिद अब्दुल्ला अल-नुज़ैली ने बताया कि सरकारी बलों ने 24 घंटे के भीतर हूती ठिकानों पर 1,326 हमले किए। इन ऑपरेशनों में करीब 370 हूती लड़ाकों के मारे जाने और दर्जनों सैन्य वाहनों के नष्ट या बेकार होने की खबर है।
सेना ने अब अपने अभियानों का विस्तार मारीब के पूर्वी मोर्चे तक कर दिया है, जबकि दक्षिणी और पश्चिमी सेक्टरों में भी दबाव बनाए रखा गया है।
दूसरी तरफ, हूती बलों ने भी 18 अक्टूबर को मारीब शहर की ओर आठ बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेआ ने दावा किया कि उनके बलों ने एक ही दिन में कई प्रांतों में 110 हमले किए, जिनमें 30 से ज्यादा लोग हताहत हुए हैं। अल-महवित गवर्नरेट के प्रथम अवर सचिव अहमद सोलह ने कहा कि हूती ताकत के झूठे दिखावे के तहत काम कर रहे हैं।
इस संघर्ष का असर पड़ोसी देश सऊदी अरब में भी देखा गया। सऊदी सिविल डिफेंस के अधिकारियों ने पुष्टि की कि नजरान में एक हूती प्रोजेक्टाइल गिरा, जिससे छह सऊदी नागरिक घायल हुए और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा। इसके जवाब में मिस्र की नेशनल डिफेंस काउंसिल ने सऊदी अरब की राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए अपना समर्थन देने का वादा किया है।
प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के प्रमुख राशेड अल-अलीमी का मुख्य ध्यान राजधानी सना को मुक्त कराने और राज्य की संप्रभुता बहाल करने पर टिका हुआ है।