यमन सेना ने तइज़ और अल-जौफ में हूती ठिकानों पर हमले तेज कर दिए
यमन की सेना ने ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन के तहत हूती ठिकानों पर बड़े हमले किए, जिसमें सैकड़ों लड़ाके मारे गए।

अदन: यमन की सेना ने तइज़ और अल-जौफ प्रांतों में हूती मिलिशिया के ठिकानों पर बड़े हमले शुरू किए हैं। 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' के तहत सरकारी बलों ने पिछले 24 घंटों में हूती संपत्तियों पर 753 सटीक हमले किए हैं।
यमन सशस्त्र बलों के प्रवक्ता कर्नल मेजर माजिद अब्दुल्ला अल-नुज़ैली ने बताया कि इन हमलों में करीब 218 हूती सदस्य मारे गए हैं। मरने वालों में कई अहम फील्ड कमांडर भी शामिल हैं। सेना ने हूती मिलिशिया के 78 सैन्य वाहनों और भारी हथियारों के सिस्टम को तबाह कर दिया है।
हमलों के मुख्य निशाने कमांड और कंट्रोल सेंटर, किलेबंदी और सप्लाई लाइनें थीं। तइज़ के पुराने सोफिटेल होटल को भी निशाना बनाया गया, जिसका इस्तेमाल मिलिशिया रणनीतिक निगरानी और फायरिंग पॉइंट के तौर पर कर रहा था। इसके अलावा मारिब, लहज और पश्चिमी तइज़ के तबत अल-दनन, वादी हनश और गुरब इलाकों में हवाई और ड्रोन हमले किए गए।
दूसरी तरफ हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया है कि सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हज्जा, लहज, अमरान, सादा, अल-जौफ, तइज़ और इब्ब में 56 हवाई हमले किए। उन्होंने कहा कि सना और होदेइदा सहित अन्य इलाकों में इन हमलों से 17 नागरिकों की मौत हुई है।
मानवीय स्थिति की बात करें तो मदर्स ऑफ एबडक्टीज एसोसिएशन ने ग्रामीण तइज़ में 171 नागरिकों के अपहरण का मामला दर्ज किया है। वहीं, पिछले सप्ताहांत हूती बलों की गोलाबारी में तइज़ प्रांत में एक व्यक्ति की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हुए।
सुरक्षा के मोर्चे पर सऊदी गठबंधन ने दक्षिणी सऊदी अरब की ओर दागी गई 10 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका। इसके अलावा रियाद और खमीस मुशैत की तरफ आने वाली एक बैलिस्टिक मिसाइल, एक क्रूज मिसाइल और दो ड्रोन को भी नाकाम किया गया। अदन में यमन के कोस्ट गार्ड मुख्यालय को तीन बैलिस्टिक मिसाइलों से नुकसान पहुँचा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ता जा रहा है और यूरोपीय संसद ने हूती आंदोलन को आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग की है।