यमन सेना का बड़ा एक्शन, सना और सादा में हूती ठिकानों पर भीषण सैन्य हमले

यमन में चल रहा संघर्ष एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। हाल ही में यमन सशस्त्र बलों ने देश के कई प्रमुख इलाकों में हूती विद्रोहियों के ठिकानों को निशाना बनाते हुए उच्च-सटीकता वाले सैन्य अभियान चलाए हैं। इन हमलों से यमन के राजनीतिक और सुरक्षा हालातों में भारी उथल-पुथल मच गई है, जिसका सीधा असर आम नागरिकों पर भी पड़ रहा है।
सटीक हमलों से हिला हूती नेटवर्क
यमन सशस्त्र बलों के आधिकारिक प्रवक्ता कर्नल माजिद अब्दुल्ला अल-नुजैली के अनुसार, सुरक्षा बलों ने राजधानी सना में कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की है। इसके साथ ही सादा क्षेत्र में 11 अलग-अलग ठिकानों को भी नेस्तनाबूद किया गया है। यह कार्रवाई उस बड़े आक्रामक अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत युद्धक विमानों, ड्रोनों, तोपखाने और रॉकेटों की मदद से विभिन्न मोर्चों पर ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे हैं। सरकारी रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले कुछ घंटों में सैकड़ों की संख्या में सैन्य अभियान चलाए गए हैं, जिससे विद्रोही ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
ताइज़ में महत्वपूर्ण रणनीतिक बढ़त
ताइज़ मोर्चे पर सरकारी बलों ने विशेष रूप से आक्रामक रुख अपनाते हुए कई अहम सामरिक सफलताएं हासिल की हैं। सैनिकों ने समह किले पर अपना नियंत्रण मजबूत कर लिया है। बढ़ते संघर्ष के बीच, राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के प्रमुख रशाद अल-अलीमी के निर्देशों के बाद यमन के रक्षा मंत्रालय और जनरल स्टाफ ने देश में आमामी लामबंदी (जनरल मोबिलाइजेशन) का ऐलान कर दिया है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और मानवीय संकट पर असर
इस सैन्य तनाव का दायरा यमन की सीमाओं से बाहर भी महसूस किया जा रहा है। सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने पुष्टि की है कि सऊदी शहरों को निशाना बनाकर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों को वायु रक्षा प्रणालियों ने हवा में ही नष्ट कर दिया। हालांकि, मिसाइल के अवशेष गिरने से कुछ इलाकों में नुकसान की खबरें भी सामने आई हैं।
इस ताजा सैन्य संघर्ष ने 2022 के संघर्ष विराम के टूटने के बाद स्थिति को और गंभीर बना दिया है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य एजेंसियों ने इस पर गहरी चिंता जताई है। विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) की रिपोर्ट के अनुसार, यमन में लाखों लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं और लगातार जारी हिंसा की वजह से बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से विस्थापित होने को मजबूर हुए हैं। सरकार द्वारा सुरक्षा उपायों को और कड़ा किया जा रहा है ताकि स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सके।