यमन की सेना ने अल-हज़म के पूर्व में हुवैशियन पहाड़ियों पर किया कब्जा

ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' के तहत सरकारी सेना ने अल-जौफ में हूती ठिकानों को तबाह किया और रणनीतिक पहाड़ियों पर कब्जा किया।

Nura Basta2 November 20262 min read0 viewsYemen
यमन की सेना ने अल-हज़म के पूर्व में हुवैशियन पहाड़ियों पर किया कब्जा

अल-जौफ (यमन): यमन की सरकारी सेना ने 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' के तहत एक बड़ा जवाबी हमला शुरू किया है। इस सैन्य कार्रवाई में सेना ने अल-हज़म शहर के पूर्व में स्थित हुवैशियन पर्वत श्रृंखला पर सफलतापूर्वक कब्जा कर लिया है।

हुवैशियन की ये पहाड़ियां हूती नियंत्रित राजधानी के लिए मुख्य रक्षा पंक्ति का काम करती थीं। इन रणनीतिक ऊंचाइयों पर नियंत्रण मिलने से सरकारी सैनिकों को हूती आपूर्ति मार्गों को बाधित करने में बड़ी बढ़त मिल गई है।

यमनी सेना के फील्ड कमांडर कर्नल रबी अल-कुराशी ने बताया कि यह कब्जा भीषण लड़ाई के बाद हुआ। इस दौरान गठबंधन देशों के हवाई हमलों ने हूती बलों के दर्जनों वाहनों को तबाह कर दिया। ऑपरेशन में शामिल प्रथम इमरजेंसी ब्रिगेड ने बताया कि उन्होंने हूती बलों से हथियारों और गोला-बारूद के कई डिपो जब्त किए हैं।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

सेना के प्रवक्ता माजेद अब्दुल्ला अल-नाज़िली के मुताबिक, 2 नवंबर को समाप्त हुए 24 घंटों के भीतर सरकारी बलों ने 1,272 टारगेट ऑपरेशन्स किए। इस कार्रवाई में लगभग 500 हूती लड़ाके मारे गए और करीब 170 वाहनों व भारी उपकरणों को नष्ट या क्षतिग्रस्त किया गया।

दूसरी तरफ, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हवाई सहायता जारी रखी है। मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने पुष्टि की कि 2 नवंबर को दक्षिणी सऊदी अरब की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को बीच में ही रोक दिया गया। इससे ठीक पहले एक शाम दुश्मन के ड्रोन को भी नष्ट किया गया था।

अल-जौफ, मारिब, अल-बयदा और ताइज़ जैसे मोर्चों पर बढ़ते सैन्य तनाव ने मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में लड़ाई तेज होने के बाद से अब तक 2.90 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। सऊदी सीमा और सना व सादा जैसे हूती गढ़ों के करीब होने के कारण अल-जौफ युद्ध का एक अहम केंद्र बना हुआ है।

Share:

Comments

Leave a comment