यमन के ताइज़ में सरकारी सेना ने हूती मिलिशिया को खदेड़कर जबल साबर के इलाकों पर दोबारा कब्जा किया

ताइज़ (यमन): यमन की सरकारी सेना और स्थानीय प्रतिरोध fighters ने एक बड़े सैन्य ऑपरेशन के जरिए ताइज़ के दक्षिण में स्थित जबल साबर के अल-सनमत और अल-सरारी इलाकों में बड़ी कामयाबी हासिल की है। 18 अक्टूबर 2026 की सुबह शुरू हुए इस हमले में हूती मिलिशिया के ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिससे विद्रोही बलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
यह कार्रवाई 'डॉन ऑफ यमन' ऑपरेशन का हिस्सा है, जिसके तहत क्षेत्र में हूती मिलिशिया की रणनीतिक साइटों और उनकी मदद के लिए आ रही अतिरिक्त टुकड़ियों को निशाना बनाया जा रहा है।
सैन्य रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान यमनी सशस्त्र बलों ने हूती ठिकानों पर कुल 1,326 हमले किए। इन हमलों में करीब 370 मिलिशिया सदस्यों के मारे जाने की खबर है।
ताइज़ के अल-शाकब फ्रंट पर हूती मिलिशिया ने हमला करने की कोशिश की, जिसे सरकारी सैनिकों ने नाकाम कर दिया। पिछले 24 घंटों के भीतर इस जगह पर हूतियों ने दूसरी बार हमला करने का प्रयास किया था, लेकिन वे सफल नहीं हो सके।
इसके अलावा, अल-मिसरख जिले, अल-शाकब फ्रंट और ताइज़ शहर के आसपास हूतियों के जमावड़े पर नौ समन्वित हवाई हमले किए गए। मोखा बंदरगाह और पश्चिमी ताइज़ के पास स्थित हूती हथियारों के डिपो को भी हवाई हमलों से निशाना बनाया गया है।
सऊदी अरब से हवाई और लॉजिस्टिक मदद पा रही यमनी सेना महत्वपूर्ण ठिकानों और पहाड़ी चोटियों को सुरक्षित करने के लिए लगातार अभियान चला रही है, ताकि हूती मिलिशिया का विस्तार रोका जा सके।