यमन सेना ने अल-जौफ में दहदाह पर्वत श्रृंखला पर कब्जा किया, हूती किले-बैरक छीने
यमन की सरकारी सेना ने अल-जौफ में हूती विद्रोहियों के रणनीतिक दहदाह पहाड़ों पर कब्जा कर लिया है।

अल-जौफ (यमन): यमन की सरकारी सेना ने अल-जौफ प्रांत के पूर्वी मोर्चों पर अपनी पकड़ मजबूत करते हुए रणनीतिक दहदाह पर्वत श्रृंखला पर कब्जा कर लिया है। सेना ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि सरकारी सैनिकों ने हूती मिलिशिया के कई किलों और बैरकों पर धावा बोलकर उन्हें अपने नियंत्रण में ले लिया है।
यह कार्रवाई 'डॉन ऑफ यमन' सैन्य अभियान के तहत की गई है। इस ऑपरेशन के दौरान सेना ने हूती मिलिशिया के कब्जे से भारी मात्रा में हथियार और युद्ध उपकरण बरामद किए हैं।
इस सैन्य अभियान में इमरजेंसी फोर्सेज का सहयोग मिला, जिसमें लड़ाकू विमानों और ड्रोन्स के जरिए सीधी हवाई सहायता दी गई। हवाई हमलों ने हूती विद्रोहियों के जमावड़े, उनकी कुमक और हथियारों के डिपो को निशाना बनाया, जिससे मिलिशिया को भारी जन और भौतिक नुकसान हुआ है।
दहदाह पर्वत श्रृंखला को एक उच्च-मूल्य वाला रणनीतिक लक्ष्य माना जाता है। यह इलाका हूतियों की महत्वपूर्ण सप्लाई लाइनों की निगरानी करता है और अल-जौफ की प्रांतीय राजधानी अल-हज़्म की ओर जाने वाला एक रणनीतिक रास्ता है, जो फिलहाल हूतियों के नियंत्रण में है।
इससे पहले 31 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 के बीच सरकारी सेना ने अल-हज़्म के पूर्व में स्थित रणनीतिक हुवैशियन पर्वत श्रृंखला पर भी कब्जा किया था।
यमन की इमरजेंसी फोर्सेज ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी निर्धारित लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते, तब तक ऑपरेशन जारी रहेंगे। साथ ही, उन्होंने हूतियों के साथ लड़ने वाले लोगों से सुरक्षित रास्ते के बदले अपनी पोजीशन छोड़ने की अपील की है।
अल-जौफ में हुई इस बढ़त पर हूती आंदोलन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस तनाव के बीच ताइज़ में झड़पों और अल-धले प्रांत में एक ट्रेनिंग कैंप पर हमले की खबरें भी सामने आई हैं।