यमन में बड़ा संघर्ष, तािज़ में हूती विद्रोहियों के चार ड्रोन हवा में गिराए गए, सेना ने दी जानकारी

यमन की सशस्त्र सेना ने देश के तािज़ शहर में बढ़ते संघर्ष के बीच हूती विद्रोहियों के कई ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया है। सरकारी मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक यह घटना 4 सितंबर 2026 को हुई जब माक़बानह और जबल हबाशी ज़िले के ऊपर हूती ड्रोन मंडरा रहे थे। इस सैन्य कार्रवाई से इलाके में चल रहे तनाव के बीच सरकार समर्थित बलों को बड़ी सफलता मिली है।
सैन्य कार्रवाई और जमीनी झड़पें
एक सैन्य सूत्र ने सबा टीवी को बताया कि सरकारी बलों ने माक़बानह के मोर्चे पर एक मानव रहित विमान यानी यूएवी को रोक लिया। इसके साथ ही तािज़ एक्सिस कमान ने जबल हबाशी ज़िले में तीन अन्य ड्रोन गिराए जाने की पुष्टि की। पश्चिमी तािज़ के मोर्चों पर हिंसा तब बढ़ गई जब हूती मिलिशिया ने सरकार के नियंत्रण वाले इलाकों पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू कर दिए।
इन हमलों में अल-तवीर, अल-कधह, माक़बानह, जबल अल-ओवैद और अल-बारह जैसे इलाके मुख्य रूप से निशाने पर रहे। तािज़ एक्सिस कमान के अनुसार इस दौरान लगभग 50 हूती लड़ाके मारे गए या घायल हो गए। यमनी सेना ने तािज़ शहर को मोचा से जोड़ने वाली रणनीतिक सड़क पर कब्जा करने के हूती विद्रोहियों के प्रयास को पूरी तरह नाकाम कर दिया। जवाबी कार्रवाई करते हुए सरकारी सैनिकों ने जबल हबाशी में तब्बत अल-खजान पर फिर से कब्जा कर लिया और मवजा ज़िले के अल-अक़ामह क्षेत्र में आगे बढ़े।
पिछले कुछ दिनों का घटनाक्रम
यह हालिया संघर्ष पिछले चौबीस घंटों की हिंसक घटनाओं के बाद सामने आया है। इससे पहले 3 सितंबर 2026 को सरकारी बलों ने बताया था कि हूती आतंकवादियों ने तािज़ के पश्चिमी तटों और होदेइदाह प्रांत में 14 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं और ड्रोन तैनात किए थे। हफ्ते की शुरुआत में यानी 2 सितंबर 2026 को माक़बानह मोर्चे पर एक सुसाइड ड्रोन को भी रोका गया था जो फाइबर-ऑप्टिक गाइडेंस तकनीक और 82एमएम प्रोजेक्टाइल से लैस था। इसके अलावा 29 अगस्त 2026 को 35वीं बख्तरबंद ब्रिगेड ने अल-सिलव ज़िले में एक ड्रोन को मार गिराया था।
आम नागरिकों पर असर
लगातार चल रही इस लड़ाई में दोनों पक्षों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को हुई झड़पों में कम से कम 25 लोग मारे गए, जिनमें 15 सरकारी सैनिक और 10 हूती सदस्य शामिल थे। इसके अलावा हूती सेना की तरफ से की जा रही गोलाबारी के कारण माक़बानह और अल-कधह क्षेत्रों से आम नागरिकों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। साल 2022 के संयुक्त राष्ट्र समर्थित समझौते के बाद से इस क्षेत्र में यह सबसे बड़ी सैन्य झड़पों में से एक मानी जा रही है, क्योंकि हूती बल तािज़ शहर को पश्चिमी तट से अलग करने की कोशिश लगातार कर रहे हैं।