यमन की सेना ने ड्रोन और विमानों से हूती विद्रोहियों पर किया बड़ा हमला जिसमें सैकड़ों लड़ाके मारे गए

यमन: यमन की सशस्त्र सेना ने 'डॉन ऑफ यमन' अभियान के तहत हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। सेना ने पिछले 24 घंटों के दौरान 1,164 सटीक हमले किए हैं। इन ऑपरेशन्स में तीसरे सैन्य क्षेत्र की ड्रोन यूनिट, लड़ाकू विमानों, फील्ड आर्टिलरी, रॉकेट लॉन्चर और स्नाइपर्स का इस्तेमाल किया गया।
सेना के मुताबिक इस कार्रवाई में हूती मिलिशिया के 558 सदस्य मारे गए हैं, जिनमें कई फील्ड लीडर्स भी शामिल हैं। इसके अलावा मारिब, ताइज़, शबवा, पश्चिमी तट और बाब अल-मंडब जैसे मोर्चों पर हूती बलों के 135 सैन्य वाहनों और अन्य उपकरणों को नष्ट या क्षतिग्रस्त कर दिया गया है।
यमन सशस्त्र बलों के प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नज़िली ने बताया कि ये हमले सैन्य किलों, जमावड़े, कुमुक और सप्लाई रूट जैसे वैध सैन्य लक्ष्यों पर किए गए। उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया।
दूसरी तरफ हूती मिलिशिया ने मारिब शहर के रिहायशी इलाकों में आठ बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के प्रमुख डॉ. मोहम्मद अली अल-सगाफ के मुताबिक एक अलग रॉकेट हमले में 53 लोगों की मौत हो गई और 200 से ज्यादा घायल हुए हैं। उन्होंने मुक्त कराए गए क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए मिस्र से सेना तैनात करने की अपील की है।
ताइज़ के दक्षिण-पूर्व में अल-शाकब मोर्चे पर भी भारी गोलाबारी जारी है। वहीं, गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) ने सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे, नागरिक हवाई अड्डों और लाल सागर व बाब अल-मंडब में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों पर हूती हमलों की कड़ी निंदा की है। GCC ने हूती मिलिशिया को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग दोहराई है।
यमन सरकार और उसके गठबंधन सहयोगियों का आरोप है कि ईरान हूती विद्रोहियों को ड्रोन और मिसाइल क्षमताओं के लिए तकनीकी, वित्तीय और भौतिक सहायता प्रदान कर रहा है।