Yemen में फिर भड़की हिंसा, ड्रोन और मिसाइल हमलों से सहमे लोग, सऊदी अरब तक पहुँचा तनाव.

यमन में क्षेत्रीय तनाव के बीच हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। सरकारी बलों ने हौथी ठिकानों पर ड्रोन हमलों को तेज कर दिया है, जिससे आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। इस संघर्ष के कारण बड़े पैमाने पर लोगों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ रहा है, जिससे हालात और भी गंभीर हो गए हैं।
ताज़ा सैन्य कार्रवाई और झड़पें
21 सितंबर 2026 तक यमन की सरकारी सेनाओं, जिनमें Nation's Shield Forces और Southern Giants Brigades शामिल हैं, ने कई मोर्चों पर हौथी लड़ाकों के ठिकानों और सैन्य वाहनों को निशाना बनाया है। इससे पहले 15 सितंबर को ताएज और शबवा में तीन हौथी ड्रोन नष्ट किए गए थे, जबकि 12 सितंबर को अल-धाले में भी सटीक हवाई हमले किए गए थे। 19 सितंबर को जारी किए गए वीडियो फुटेज में हौथी खंदक नेटवर्क और सैन्य शिविरों पर हमलों की पुष्टि हुई थी।
सऊदी अरब पर हमले और क्षेत्रीय तनाव
हौथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ भी बड़े पैमाने पर अपने अभियान तेज कर दिए हैं। 20 सितंबर को हौथी समर्थित बलों ने रियाद और यानबु स्थित अरामको फैसिलिटी पर मिसाइल और ड्रोन से हमले का दावा किया, जिससे वहां भीषण आग लग गई। सऊदी अधिकारियों ने इसी दिन रियाद के ऊपर एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही नष्ट करने की बात कही। इसके अलावा 17 सितंबर को ताएफ में एक गिराए गए ड्रोन के मलबे की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए। सऊदी अधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि विद्रोहियों ने मक्का को निशाना बनाने की कोशिश की थी। हौथी प्रवक्ता याह्या सारेई के अनुसार, 21 सितंबर को समाप्त हुए 24 घंटों के भीतर सऊदी बलों ने यमन के ताएज, अल-जौफ और मारिब गवर्नरेट में कुल 28 हवाई हमले किए। इस पूरी स्थिति की विस्तृत जानकारी ANI News रिपोर्ट में दी गई है।
अंतर्राष्ट्रीय चिंता और कूटनीतिक हलचल
इस बढ़ते संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अमेरिका के विदेश विभाग ने 21 सितंबर को सुरक्षा को लेकर एक चेतावनी जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर महीने के दौरान लड़ाई की वजह से यमन में लगभग 147,000 लोग विस्थापित हो चुके हैं। कूटनीतिक मोर्चे पर भी बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं, जहां पाकिस्तान रियाद के लिए अपने सैन्य समर्थन पर दोबारा विचार कर रहा है। वहीं ऐसी खबरें भी सामने आई हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 21 सितंबर को हौथी ठिकानों पर होने वाले नियोजित हमलों को रोक दिया था। दूसरी ओर, हौथी नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि यदि उनके खिलाफ नाकाबंदी और सैन्य कार्रवाई जारी रही, तो वे सऊदी अरब के अंदर ऊर्जा बुनियादी ढाचे पर और भी बड़े हमले करेंगे। Gulf और मध्य पूर्व के इन हालातों पर काम करने वाले प्रवासियों और भारत आने-जाने वाले लोगों के लिए भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।