यमन में ड्रोन हमला तेज़, हौथी ठिकानों पर की गई कार्रवाई, क्षेत्रीय तनाव से बढ़ी चिंता.

यमीनी सेना ने हाल ही में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 सितंबर 2026 को हौथी मिलिशिया के ठिकानों पर सटीक ड्रोन हमले किए। इस सैन्य कार्रवाई में हौथी लड़ाकों को भारी नुकसान हुआ है और कई लोगों के हताहत होने की खबर सामने आई है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस हमले में ड्रोन ने अपने तय किए गए निशानों पर बिल्कुल सटीक वार किया।
क्षेत्रीय तनाव और शिपिंग पर असर
यह सैन्य कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। इसी दिन यानी 21 सितंबर 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक टैंकर पर किसी अज्ञात चीज से हमला हुआ, जिसमें दो नाविकों को मामूली चोटें आईं। इस घटना के बाद से इस रास्ते पर कमर्शियल जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट आई है। वीकेंड पर केवल 17 जहाज ही इस रास्ते से गुजरे, जबकि पिछले हफ्ते यह संख्या 37 थी। बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिकी विदेश विभाग ने 20 सितंबर 2026 को मध्य पूर्व में रह रहे अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया था। यह तनाव ईरान समर्थित हौथी विद्रोहियों और सऊदी समर्थित गठबंधन के बीच चल रही लड़ाई के कारण लगातार बढ़ रहा है।
अमेरिकी वित्तीय और सैन्य कदम
इस बीच भू-राजनीतिक स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। अमेरिका के ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने 21 सितंबर 2026 को बताया कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष का अंत कब होगा, यह अभी साफ नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ब्याज दरों में बदलाव इसी संघर्ष के खत्म होने पर निर्भर करेगा। इस संबंध में अधिक जानकारी US Treasury Department की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई है। सचिव बेसेंट ने ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट के बारे में भी बताया, जिसका मकसद ईरान की आर्थिक गतिविधियों को रोकना है। इसके तहत 23 सितंबर से ईरान की सभी ग्लोबल उड़ानों पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाएगी। दूसरी ओर, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने कोई और सैन्य हमला किया तो यह युद्ध नए इलाकों तक फैल जाएगा और ईरान किसी भी लंबी लड़ाई के लिए तैयार बैठा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वह ईरान को लेकर कई रणनीतिक विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जिसमें पूरी सैन्य कार्रवाई से लेकर बातचीत के रास्ते तक शामिल हैं।