यमन सेना का बड़ा हमला: 267 हूती लड़ाके ढेर और 97 सैन्य ठिकाने तबाह
यमन सेना ने 'फज्र अल-यमन' ऑपरेशन में 267 हूती लड़ाकों को नाकाम किया और 97 सैन्य संपत्तियों को तबाह किया।

यमन: यमन की सरकारी सेना ने हूती मिलिशिया के खिलाफ चलाए गए एक बड़े हमले में भारी कामयाबी का दावा किया है। सेना की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, इस सैन्य कार्रवाई में हूती मिलिशिया के 267 नेताओं और लड़ाकों को नाकाम कर दिया गया है, जिनमें मारे गए, घायल हुए और युद्ध के मैदान से भागे हुए लोग शामिल हैं।
इस ऑपरेशन के दौरान यमन सेना ने हूती बलों की 97 कॉम्बैट संपत्तियों को पूरी तरह नष्ट या बेकार कर दिया है। इनमें लड़ाकू वाहन, तोपखाने और मिसाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
यह पूरी कार्रवाई 'फज्र अल-यमन' (Dawn of Yemen) ऑपरेशन का हिस्सा है। यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल ने 5 अक्टूबर को इस ऑपरेशन की शुरुआत की थी, जिसका मुख्य लक्ष्य राजधानी सना और राज्य के अन्य संस्थानों को वापस पाना है।
पिछले 24 घंटों के भीतर यमन की सशस्त्र सेनाओं ने हूती ठिकानों, उनकी सैन्य टुकड़ियों और फायरिंग पॉइंट्स को निशाना बनाते हुए कुल 875 टारगेट ऑपरेशन्स किए हैं।
दूसरी तरफ, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि हूती बलों ने रियाद और सऊदी अरब के अन्य इलाकों की तरफ बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे थे, जिन्हें सफलतापूर्वक बीच में ही नष्ट कर दिया गया।
हूती सैन्य प्रवक्ताओं ने दावा किया कि उन्होंने रियाद में किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अरामको के ठिकानों को निशाना बनाया है। हालांकि, सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि रियाद में अरामको की एक प्रशासनिक इमारत पर हमले की कोशिश हुई, लेकिन मलबे के गिरने से केवल सीमित नुकसान हुआ और कोई हताहत नहीं हुआ।
वर्तमान में मारिब, ताइज और अल-जौफ की अग्रिम मोर्चों पर भी भीषण झड़पें जारी हैं। इन हमलों के बाद मिस्र और कुवैत समेत कई देशों ने औपचारिक बयान जारी कर हूती हमलों की निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभु क्षेत्र का उल्लंघन बताया है।