Yemen में यमनी सेना का बड़ा हमला, हूती ठिकानों पर 13 एयरस्ट्राइक और कई बड़े कमांडर ढेर.

मध्य यमन के अल-बायदा गवर्नरट में यमनी बलों ने हूती ठिकानों के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया है। 7 सितंबर 2026 को किए गए इन हमलों में कुल 13 एयरस्ट्राइक शामिल थीं, जिनका मुख्य निशाना हूती विद्रोहियों के ठिकाने, सैन्य जमावड़े और वाहन थे। इस सैन्य कार्रवाई ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है और आम जनता के बीच भी इसकी चर्चा हो रही है।
अल-सावादिया जिला बना मुख्य निशाना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मुख्य हवाई अभियान अल-बायदा गवर्नरट के अंतर्गत आने वाले अल-सावादिया जिले पर केंद्रित था। इसके अलावा अल-शारिया, धि नईम और अल-बायदा के अन्य जिलों में भी कई हवाई हमले किए गए। इन हमलों में हूती लड़ाकों के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया गया, जिसमें एक मिसाइल लॉन्चर को भी पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। सोशल मीडिया पर सऊदी न्यूज के बुलेटिन सहित अन्य माध्यमों से इन हमलों की खबरें सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हुई।
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक्सपर्ट्स को भी नुकसान
यमीनी सैन्य अधिकारियों के आधिकारिक चैनलों से मिली जानकारी के मुताबिक, अल-सावादिया में हुई इस कार्रवाई के दौरान कई हूती मिलिशिया नेताओं और ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी IRGC से जुड़े एक्सपर्ट्स को भी खत्म किया गया है। यमनी सशस्त्र बलों के मीडिया सेंटर ने इस सैन्य अभियान की तीव्रता और सफलता की पुष्टि की है। हालांकि, इन विशिष्ट उच्च-स्तरीय हताहतों की स्वतंत्र पुष्टि अभी भी जारी है, लेकिन जमीनी स्तर पर सेना का यह कदम बहुत बड़ा माना जा रहा है।
ताइज और अल-हुदायदा में भी कड़ा मुकाबला
सिर्फ अल-बायदा ही नहीं, बल्कि यमनी सेना ने तइज और अल-हुदायदा गवर्नरट में भी जमीन वापस पाने में बड़ी सफलता हासिल की है। इन इलाकों में हुई आमने-सामने की झड़पों में 20 से ज्यादा हूती लड़ाके या तो मारे गए या फिर गंभीर रूप से घायल हो गए। साल 2026 के दौरान इस तरह की झड़पों में काफी तेजी आई है और इससे पहले अल-जौफ जैसे इलाकों में भी विदेशी एक्सपर्ट्स के मारे जाने की खबरें आ चुकी हैं। अल-बायदा इलाका रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय समुद्री हितों के खिलाफ हूती गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इसे मुख्य केंद्र बनाया जा रहा था।