यमन में हूती विद्रोहियों पर सरकारी सेना का बड़ा हमला, कई मोर्चों पर भारी नुकसान

यमन में चल रहे संघर्ष के बीच सरकारी सेना ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ एक बड़ी सैन्य सफलता हासिल करने का दावा किया है। 30 सितंबर, 2026 को जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सरकारी बलों ने विभिन्न मोर्चों पर सटीक हमले किए, जिससे विद्रोहियों के हथियारों और कर्मियों को भारी क्षति पहुंची है।
आठ प्रमुख ऑपरेशनों में हूतियों को लगा बड़ा झटका
सरकारी सेना ने बताया कि हाल ही में आठ विशेष सैन्य अभियान चलाए गए, जिनका उद्देश्य हूतियों की रसद और सैन्य शक्ति को कमजोर करना था। इन हमलों में निम्नलिखित महत्वपूर्ण सफलताएं मिलीं:
- आर्टिलरी बैटरियों का खात्मा: अल-वज़िया फ्रंट पर तीन तोपखाना बैटरियों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
- ईरानी तकनीक का विनाश: मोखा में एक 'जव्वाला' (Jawwala) मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया गया। अधिकारियों का दावा है कि इस प्रणाली को ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के विशेषज्ञों द्वारा विकसित किया गया था।
- कमांडरों का सफाया: अल-मंसूरा क्षेत्र और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य के पास कई हूती कमांडरों और लड़ाकों को मार गिराया गया।
24 घंटों में 414 सैन्य अभियान: युद्ध का बढ़ता स्तर
हालांकि सोशल मीडिया पर केवल आठ प्रमुख हमलों की चर्चा है, लेकिन यमन के सैन्य प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि पिछले 24 घंटों के दौरान सरकारी सेना ने हूतियों के खिलाफ कुल 414 ऑपरेशन किए हैं। यह संघर्ष के एक अत्यंत तीव्र दौर को दर्शाता है। इससे पहले, 28 सितंबर को भी 10 अलग-अलग मोर्चों पर 356 ऑपरेशन किए गए थे, जिसमें हूतियों को 476 का नुकसान हुआ था।
क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री रास्तों पर मंडराता खतरा
सितंबर 2026 के दौरान यमन के विभिन्न प्रांतों जैसे ताइज़, मारिब, अल-जौफ, अल-बाइड और लाहिज में भीषण लड़ाई देखी गई है। हूती विद्रोहियों ने हाल ही में अल-हुदैदा और ताइज़ प्रांतों में कुछ क्षेत्रों पर नियंत्रण पाने की कोशिश की है, जिसमें मोखा शहर और मयून द्वीप शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि हूतियों की इन गतिविधियों से बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य के माध्यम से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
वर्तमान में, सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के समर्थन से सरकारी सेना हूतियों की सैन्य क्षमताओं को कम करने और उनके विस्तार को रोकने के लिए निरंतर संघर्ष कर रही है।