ताइज़ के दक्षिण में हूती लड़ाकों के खिलाफ यमन की सरकारी सेना ने तेज किया हमला और कई रणनीतिक इलाके वापस लिए

ताइज़: सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के समर्थन से यमन की सरकारी सेना ने ताइज़ प्रांत में हूती लड़ाकों के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है। 19 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी के मुताबिक, सरकारी सैनिकों ने ताइज़ के दक्षिण में अल-अकरौध, अल-शकब और अल-सरारी इलाकों में हूती ठिकानों, गाड़ियों और हथियारों के भंडारों को निशाना बनाया है।
'डॉन ऑफ यमन' नाम के इस सैन्य ऑपरेशन के तहत सरकारी सेना ने अल-सरारी और अल-सनामत को फिर से अपने कब्जे में ले लिया है। इसके साथ ही मिसराख जिले में भी सेना की बढ़त जारी है।
यमन सरकारी सेना के प्रवक्ता माजिद अल-नुज़ैली ने बताया कि 18 अक्टूबर को समाप्त हुए 24 घंटों के दौरान अलग-अलग मोर्चों पर हूती ठिकानों पर 1,326 हमले किए गए। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान लगभग 370 हूती लड़ाकों को खत्म कर दिया गया और दर्जनों सैन्य वाहन नष्ट हुए।
अल-नुज़ैली के मुताबिक, सरकारी सैनिकों ने दक्षिण-पश्चिमी प्रांत में कई रणनीतिक जगहों और भारी हथियारों पर अपना नियंत्रण बना लिया है।
दूसरी तरफ, हूती सैन्य प्रवक्ता यह्या सारे ने आरोप लगाया कि इसी समय के दौरान सऊदी जेट्स ने ताइज़ समेत पूरे यमन में 110 हवाई और मिसाइल हमले किए। सारे ने दावा किया कि इन हमलों में 30 से ज्यादा लोग मारे गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
जमीनी हालात की बात करें तो 19 अक्टूबर को हूतियों की गोलाबारी में एक नागरिक की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए।
इस भीषण लड़ाई की वजह से ताइज़ इलाके में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। मुख्य परिवहन रास्ते बंद होने से आम लोगों की आवाजाही रुक गई है और भोजन, पानी व आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं जैसी जरूरी मानवीय मदद पहुंचने में बड़ी दिक्कतें आ रही हैं।